नवाचार से स्टार्टअप और उद्यमिता की ओर बढ़ें विद्यार्थी : प्रो. अविनाश

 




जौनपुर, 30 सितंबर (हि.स.)। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान के तहत बुधवार को राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज एवं उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज विषय पर ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता और सामाजिक प्रभाव आधारित विचारों को प्रोत्साहित करना तथा इनोवेशन चैलेंज में भागीदारी के लिए आवश्यक जानकारी देना था।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के कार्यकारी निदेशक प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने विद्यार्थियों को नवाचार की अवधारणा और प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी समस्या की पहचान कर उसके व्यावहारिक समाधान को विकसित करते हुए एक अच्छे विचार को प्रोटोटाइप में बदला जा सकता है। आगे यही विचार उत्पाद या सेवा के रूप में स्टार्टअप का रूप ले सकता है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी केवल नौकरी पाने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान और रचनात्मक सोच के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनने का प्रयास करें। उन्होंने सामाजिक, पर्यावरणीय, तकनीकी और स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके नवीन एवं टिकाऊ समाधान विकसित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. नितेश जायसवाल ने उत्तर प्रदेश इनोवेशन चैलेंज की प्रक्रिया, पात्रता, आवेदन और आइडिया प्रस्तुत करने के तरीके की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने नवाचारी विचारों के साथ चैलेंज में भाग लेने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में प्रो. रजनीश भास्कर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। निदेशक ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल प्रो. प्रदीप कुमार, डॉ. सुशील कुमार समेत शिक्षक एवं विद्यार्थी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय के अनुसार कार्यक्रम के लिए 396 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जबकि 101 विद्यार्थियों ने अपने विचार ऑनलाइन प्रस्तुत किए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव