विद्यार्थियों के विचारों को नवाचार और उद्यमिता से जोड़ना जरूरी : प्रभाकर सिंह

 


कानपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। किसी भी बड़े व्यवसाय की शुरुआत एक छोटे विचार और किसी वास्तविक समस्या के समाधान से हो सकती है। विद्यार्थियों को अपने विचारों को नवाचार में बदलकर उन्हें उद्यमिता और स्टार्टअप के अवसरों से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए। यह बातें सोमवार को सीएसजेएम इनोवेशन फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑपरेशंस मैनेजर प्रभाकर सिंह ने कहीं।

नवाचार प्रकोष्ठ के तहत एसेंट कॉलेज में नवाचार, उद्यमिता एवं आइडिएशन पर संवादात्मक सत्र के साथ ड्रोन तकनीक कार्यशाला और लाइव डेमोंस्ट्रेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के मार्गदर्शन में हुआ।

प्रभाकर सिंह ने विद्यार्थियों को आइडिया जनरेशन, समस्या की पहचान, प्रोटोटाइप तैयार करने, बिजनेस मॉडल और स्टार्टअप शुरू करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने सीएसजेएम इनोवेशन फाउंडेशन के इनोवेशन एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम, इनक्यूबेशन सुविधाओं और उद्यमिता से जुड़े अवसरों के बारे में भी बताया।

कार्यक्रम में सीएसजेएमआईएफ के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप ‘एयरोमॉडेलिंग’ की टीम ने ड्रोन तकनीक पर कार्यशाला आयोजित की। ड्रोन इंस्ट्रक्टर आदित्य कुशवाहा और उनकी टीम ने विद्यार्थियों को ड्रोन की कार्यप्रणाली, तकनीकी विशेषताओं और विभिन्न क्षेत्रों में इसके उपयोग की जानकारी दी। इसके बाद ड्रोन का लाइव डेमोंस्ट्रेशन किया गया। विद्यार्थियों ने तकनीक से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया।

विद्यार्थियों को बताया गया कि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य उभरती तकनीकें रोजगार के साथ स्टार्टअप और नए व्यवसाय शुरू करने के अवसर भी उपलब्ध करा रही हैं।

कार्यक्रम में कॉलेज के चेयरमैन गुरशरण सिंह, डायरेक्टर सुरजीत कौर सहित शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। कॉलेज प्रबंधन ने विद्यार्थियों को नवाचार और आधुनिक तकनीक से जोड़ने वाली पहल की सराहना की।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप