मीडिया उद्योग की जरूरतों के अनुसार खुद को ढालें विद्यार्थी : डॉ. दिवाकर अवस्थी

 


कानपुर, 10 अक्टूबर (हि.स.)। पॉडकास्ट आज डिजिटल पत्रकारिता का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। इसमें सफल होने के लिए विद्यार्थियों को इंटरव्यू की तैयारी, सवाल पूछने के कौशल और तकनीकी दक्षता पर विशेष ध्यान देना होगा। मीडिया उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुसार खुद को तैयार करना समय की मांग है। यह बातें शनिवार को पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. दिवाकर अवस्थी ने शनिवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित कार्यशाला में कही।

विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग में ‘द पावर ऑफ द माइक’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों को पॉडकास्ट इंटरव्यू की तैयारी, प्रभावी संवाद और ऑडियो रिकॉर्डिंग से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि डिजिटल और ऑडियो माध्यमों के विस्तार के साथ पॉडकास्टिंग में दक्षता हासिल करना पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।

कार्यशाला में सहायक आचार्य डॉ. होइमावती तालुकदार ने पॉडकास्ट इंटरव्यू की रूपरेखा तैयार करने, विषय के अनुरूप सवाल पूछने और बातचीत के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखने के तरीके बताए। उन्होंने इंटरव्यू से पहले तैयारी करने और संवाद को रोचक एवं प्रासंगिक बनाए रखने के महत्व पर भी चर्चा की।

सहायक आचार्य डॉ. विनय कुमार ने आवाज के उतार-चढ़ाव, स्पष्ट अभिव्यक्ति, ऑडियो रिकॉर्डिंग और ध्वनि की गुणवत्ता से जुड़ी तकनीकी बारीकियां समझाईं। उन्होंने पॉडकास्ट संपादन और उसे विभिन्न मंचों पर प्रकाशित करने के लिए उपयोगी साधनों की जानकारी भी दी।

कार्यशाला में बीए तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर और एमए तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने भाग लिया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने पॉडकास्ट तैयार करने और उसके तकनीकी पहलुओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया।

इस अवसर पर प्रो. कौशल त्रिपाठी, डॉ. जितेंद्र डबराल, डॉ. रश्मि गौतम, डॉ. योगेंद्र पांडेय, डॉ. ओमशंकर गुप्ता, डॉ. हरिओम कुमार, सागर कनौजिया और प्रेम किशोर शुक्ला मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप