फसलों में मनमाने कीटनाशक के इस्तेमाल पर रोक

 

फर्रुखाबाद,01 सितम्बर (हि.स.)। फसलों को कीट एवं रोगों से बचाने के लिए किसान मनमाने ढंग से कीटनाशकों का प्रयोग न करें। गलत फसल में कीटनाशक के इस्तेमाल से जहां फसल और पर्यावरण को नुकसान पहुंच सकता है, वहीं खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेष की मात्रा बढ़ने का खतरा रहता है। इस मामले में मंगलवार काे जिला कृषि रक्षा अधिकारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने किसानों को प्रतिबंधित कीटनाशकों का अनुमोदित फसलों में ही प्रयोग करने की सलाह दी है।

उन्हाेंने बताया कि ऑक्सीफ्लोरोफेन का आलू और मूंगफली में प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए। इसी तरह मैलाथियान का ज्वार, मटर, सोयाबीन, अरंडी, सूरजमुखी, भिंडी, बैंगन, फूलगोभी, मूली, शलजम, टमाटर, सेब और अंगूर में इस्तेमाल प्रतिबंधित है। मोनोक्रोटोफॉस को सब्जियों की फसलों में, क्लोरोपायरीफॉस को बेर, साइट्रस और तंबाकू की फसल में तथा डाइमेथोएट को ऐसे फल और सब्जियों में प्रयोग न करने की हिदायत दी गई है, जिन्हें कच्चा खाया जाता है। वहीं मैंकोजेब का अमरूद, ज्वार और टैपिओका की फसल में इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है।

कृषि विभाग ने किसानों से किसी भी कीटनाशक के प्रयोग से पहले उसके लेबल और पत्रक पर दर्ज अनुमोदित फसल, कीट, मात्रा, प्रयोग विधि और प्रतीक्षा अवधि की जानकारी पढ़ने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि कीट की सही पहचान और आर्थिक क्षति स्तर के आधार पर ही रासायनिक दवाओं का प्रयोग किया जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar