संकट की घड़ी में परिवारों के साथ खड़ा रहना ही जनसेवा की सच्ची भावना : रमेश अवस्थी

 


कानपुर, 01 अगस्त (हि.स.)। जनप्रतिनिधि का दायित्व केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं होता, बल्कि समाज के हर सुख-दुख में सहभागी होना भी उसकी जिम्मेदारी है। संकट की घड़ी में परिवारों के साथ खड़ा रहना ही जनसेवा की सच्ची भावना है। यह बातें शनिवार को कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने कहीं।

लोकसभा सत्र की व्यस्तताओं के बीच कानपुर पहुंचे सांसद रमेश अवस्थी ने शहर के तीन शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने दिवंगत मर्चेंट नेवी अधिकारी सागर गुप्ता के परिजनों से भेंट कर विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से उनकी फोन पर बात कराई और पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया की जानकारी दिलाई।

विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि सागर गुप्ता का पार्थिव शरीर मॉस्को पहुंच चुका है और आवश्यक राजनयिक व प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे भारत भेज दिया जाएगा। अधिकारियों ने प्रक्रिया में तेजी लाने का भरोसा भी दिया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने परिवार को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।

इसके बाद सांसद रमेश अवस्थी काकादेव पहुंचे, जहां उन्होंने भाजपा पार्षद नीरज कुरील के पिता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य बनाए रखने का संदेश दिया।

सांसद ने इसके उपरांत दिवंगत भाजपा पार्षद यशपाल सिंह के आवास पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यशपाल सिंह का जनसेवा और संगठन के प्रति योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा।

इस अवसर पर पूर्व पार्षद दीपक शुक्ला और राघवेंद्र मिश्रा भी सांसद रमेश अवस्थी के साथ मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप