सपा के पीडीए का मतलब परिवार, धनबली और अपराधी : प्रकाश पाल
कानपुर, 06 अक्टूबर (हि.स.)। सपा के राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के बाद पार्टी के पीडीए नारे का असली चेहरा सामने आ गया है। सपा की प्राथमिकता में परिवार और धनबली हैं, जबकि तीसरे स्थान पर अपराधी आते हैं। यह बातें मंगलवार को भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा प्रत्याशी प्रकाश पाल ने कहीं।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी पुरानी छवि के कारण खुलकर अपना नाम लेने से बचती है और उसने पीडीए का मुखौटा पहन रखा है। राज्यसभा प्रत्याशियों की घोषणा के साथ ही पार्टी का वास्तविक चरित्र जनता के सामने उजागर हो गया है। उन्होंने कहा कि सपा के पीडीए में पी से परिवार, डी से धनबली और ए से अपराधी है।
प्रकाश पाल ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी चुनाव तक सपा के पीडीए का नया रूप पैसा देने वाले आओ यानी पी से पैसा, डी से देने वाले और ए से आओ रहने वाला है।
उन्होंने भाजपा की राज्यसभा उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी ने समाज के सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के विजन के अनुरूप सामान्य, पिछड़ा, अनुसूचित जाति और महिला वर्ग को भागीदारी दी गई है।
उन्होंने कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी सरकार की समावेशी नीतियां स्पष्ट और पारदर्शी हैं। भाजपा में कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाता है और पार्टी सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का काम कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप