खेलों से अनुशासन और टीम भावना का हाेता है विकास : डॉ. श्रवण कुमार यादव
कानपुर, 30 मार्च (हि.स.)। खेलों के माध्यम से छात्रों में अनुशासन, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करती हैं। खो-खो जैसे पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना भी बेहद आवश्यक है। इस तरह के आयोजन छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाते हैं। यह बातें सोमवार को शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के तत्वावधान में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा सोमवार को हेलिपैड ग्राउंड पर अंतर-महाविद्यालयीय खो-खो (महिला/पुरुष) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रो. सुधांशु पांड्या और विभागाध्यक्ष डॉ. श्रवण कुमार यादव ने फीता काटकर एवं खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया।
प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय से संबद्ध 11 महाविद्यालयों के 165 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। समापन समारोह में क्रीड़ा प्रभारी डॉ. सोहिल रजा, क्रीड़ा सचिव डॉ. निमिषा सिंह कुशवाहा, डॉ. श्रवण कुमार यादव और डॉ. प्रभाकर पांडे ने विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया।
पुरुष वर्ग में सीएसजेएम विश्वविद्यालय कैंपस ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि शिवपाल सिंह महाविद्यालय जसवंत नगर उपविजेता रहा। जनता महाविद्यालय अजीतमल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
महिला वर्ग में भी सीएसजेएम विश्वविद्यालय कैंपस ने विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। महिला महाविद्यालय कानपुर उपविजेता रहा, जबकि जनता महाविद्यालय अजीतमल तीसरे स्थान पर रहा।
इस अवसर पर अभिषेक मिश्रा, शुभम हजारिया और अश्विनी मिश्रा सहित अन्य शिक्षक व प्रशिक्षक मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप