रमजान के पाक महीने में नन्हे रोजेदारों का रहा जज्बा

 


--किन्जा अहमद ने रखा पहला रोजा

प्रयागराज, 19 मार्च (हि.स)। रमज़ान का मुबारक महीना रहमत, बरकत और मग़फिरत का महीना माना जाता है। इस पाक महीने में जहां बड़े लोग अल्लाह की रजा और उसकी इबादत के लिए रोजे रखकर नमाज़, तरावीह और तिलावत-ए-क़ुरआन में मशगूल हैं, वहीं शहर के कई नन्हे रोजेदार भी पूरे जज्बे और शौक के साथ इबादत की राह पर चल पड़े हैं।

यह जानकारी प्रयाग व्यापार मंडल के मीडिया प्रभारी अकरम शगुन ने देते हुए बताया कि महज 5 से 12 साल की उम्र के बच्चे भी अपने वालिदैन और घर के बुजुर्गों को देखकर रोजा रखने और नमाज अदा करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तो मुबारक महीना जा रहा है हमसे विदा हो रहा है।

उन्होंने बताया कि किन्जा अहमद (9) कक्षा चार की गर्ल्स हाई स्कूल की छात्रा है। परीक्षा चल रही थी, परीक्षा खत्म होते ही उसने अपनी मां से रोजा रखने की इच्छा व्यक्त की। मां ने उसे सहरी कराया और बड़े आसानी से उसने अपना पहला रोजा पूरा किया।

अकरम ने बताया कि मां और खाला को नमाज रोजा इबादत करते देखती थी, इसी वजह से उसको यह नसीहत मिली। किंन्जा अहमद एक कुरान मुकम्मल कर चुकी है। किनजा के पहले रोजे पर रोजा इफ्तार का इंतजाम किया गया, परिवार के लोगों ने उन्हें दुआएं व उपहार दिये।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र