टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस के निर्माण में लाएं तेजी, समय पर पूरी हाे परियाेजना : जिलाधिकारी

 


कानपुर, 19 सितंबर (हि.स.)। घाटमपुर राजकीय पॉलिटेक्निक में 7.06 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का निर्माण कार्य तेज करते हुए पर्याप्त संख्या में मजदूर लगाए जाएं और परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए। निर्माण स्थल पर काम बंद नहीं मिलना चाहिए। यह निर्देश शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने दिए।

राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में आवास विकास परिषद की ओर से जी+2 भवन के रूप में टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस का निर्माण कराया जा रहा है। शनिवार को निरीक्षण के दौरान मौके पर निर्माण कार्य बंद मिला और मजदूरों की संख्या भी कम पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए अधिशासी अभियंता से स्पष्टीकरण मांगा।

परियोजना का निर्माण कार्य पांच जून 2026 को शुरू हुआ था और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। वर्तमान में करीब 23 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने निर्माण स्थल की प्रगति की जानकारी लेने के साथ कार्य में लगाए गए श्रमिकों की संख्या भी देखी। उन्होंने पर्याप्त मजदूर लगाने और काम की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।

डीएम ने निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता बनाए रखते हुए परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि निर्माण में किसी तरह की लापरवाही न हो, ताकि सेंटर का लाभ विद्यार्थियों को समय से मिल सके।

टाटा सेंटर ऑफ एक्सिलेंस बनने से पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षण और कौशल विकास का अवसर मिलेगा। सेंटर में एडवांस ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन एवं रोबोटिक्स, प्रोडक्ट डिजाइन, क्वालिटी कंट्रोल तथा एआई एवं मशीन लर्निंग जैसी तकनीकों से जुड़े प्रशिक्षण प्रस्तावित हैं। इससे विद्यार्थियों को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान राजकीय पॉलिटेक्निक घाटमपुर के प्राचार्य कुलदीप सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप