खुरपका-मुंहपका से बचाव के लिए विशेष टीकाकरण अभियान शुरू

 


कानपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। जनपद में खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी संक्रामक बीमारी की रोकथाम के लिए बुधवार से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू हो गया। विकास भवन परिसर से मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन ने 36 टीकाकरण टीमों को रवाना किया। अभियान के तहत आठ सितंबर तक जिले के पांच लाख छब्बीस हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।

मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) अभिनव जे. जैन ने बताया कि जिले के सभी 10 विकास खंडों के गांवों और शहरी क्षेत्रों के वार्डों में टीमें घर-घर पहुंचकर पशुओं का पंजीकरण और टीकाकरण करेंगी। उन्होंने पशुपालकों से अभियान में सहयोग करने और सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने की अपील करते हुए कहा कि खुरपका-मुंहपका अत्यंत संक्रामक बीमारी है, जिससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय टीकाकरण है।

कार्यक्रम में अपर निदेशक ग्रेड-2, कानपुर मंडल ने बताया कि यह एक वायरल रोग है, जो गाय, भैंस, बछड़े, बैल, बकरी, भेड़ और सूकर जैसे खुर वाले पशुओं को प्रभावित करता है। बीमारी होने पर तेज बुखार, मुंह और खुरों में छाले, अत्यधिक लार गिरना, दूध उत्पादन में कमी तथा गर्भित पशुओं में गर्भपात जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग सिंह ने बताया कि जिन पशुओं के कानों में अभी तक टैग नहीं लगे हैं, उनकी टैगिंग कराकर भारत पशुधन ऐप पर पंजीकरण कराया जाएगा। इसके लिए पशुपालकों को अपना मोबाइल नंबर और ओटीपी टीकाकरण टीम को उपलब्ध कराना होगा, ताकि पशुओं का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सके और भविष्य में विभागीय योजनाओं का लाभ भी मिल सके।

उन्होंने बताया कि अभियान 22 जुलाई से आठ सितंबर तक चलेगा। इसके सफल संचालन के लिए ग्राम पंचायतों, नगर पालिका परिषदों और नगर निगम से व्यापक प्रचार-प्रसार कराने तथा अधिक से अधिक पशुपालकों को अभियान से जोड़ने का आग्रह किया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप