गर्मियों में दिमाग को स्वस्थ रखने का सरल उपाय स्पर्श ध्यान : सतीश राय

 


प्रयागराज, 17 मई (हि.स.)। भागदौड़ भरी जिंदगी, भीषण गर्मी और ऑफिस का तनाव, इन सबके बीच मन को शांत रखने का सबसे सस्ता और असरदार तरीका स्पर्श ध्यान है। प्रतिदिन सिर्फ 15 मिनट स्पर्श ध्यान करने से शरीर और दिमाग दोनों बदलने लगते हैं।

यह बातें एसकेआर योग एवं रेकी शोध प्रशिक्षण और प्राकृतिक संस्थान की ओर से प्रयागराज रेकी सेंटर पर रविवार को जाने-माने स्पर्श चिकित्सक सतीश राय ने स्पर्श ध्यान का निःशुल्क प्रशिक्षण देते हुए कही।

उन्होंने प्रशिक्षण लेने वालों को सम्बोधित करते हुए बताया कि गर्मियों में स्पर्श ध्यान करने से कई फायदे होते हैं।

तनाव और चिंता होती है कम

स्पर्श ध्यान करते समय दिमाग में स्ट्रेस हार्मोन घटता है। कुछ देर कठिन कार्य करने के बाद 10 मिनट आंख बंद करके बैठने से ही सिर हल्का लगने लगता है। स्पर्श - ध्यान तो तनाव घटाने के लिए खास माना जाता है।

फोकस और याददाश्त बढ़ती है

प्रतिदिन स्पर्श ध्यान करने से दिमाग की एकाग्रता बढ़ती है। लेखा-जोखा जैसा बारीक काम करने वालों के लिए गलतियां कम होती हैं। छात्रों की पढ़ाई में भी फर्क दिखता है।

ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है

गर्मी में बीपी बढ़ना आम है। स्पर्श ध्यान से नर्वस सिस्टम शांत होता है, दिल की धड़कन सामान्य रहती है। डॉक्टर भी हाई बीपी के मरीजों को आंख बंद कर ध्यान में बैठने की सलाह देते हैं।

नींद अच्छी आती है

रात को बिस्तर पर लेटे-लेटे दिमाग चलता रहता है, तो सोने से 10 मिनट पहले श्वास पर ध्यान देने से दिमाग शांत होता है और गहरी नींद आती है।

गुस्सा और चिड़चिड़ापन कम

45° से0 की गर्मी में वैसे ही चिड़चिड़ापन बढ़ जाता है। स्पर्श ध्यान से मन शांत रहता है तो छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा नहीं आता। परिवार और ऑफिस का माहौल बेहतर रहता है।

इम्यूनिटी मजबूत होती है

रिसर्च बताती है कि प्रतिदिन स्पर्श ध्यान करने वालों के शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है। लू, वायरल और मौसमी बीमारियों का असर कम होता है।

शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है

स्पर्श ध्यान, रेकी या स्पर्श चिकित्सा से शरीर की रुकी हुई ऊर्जा चलने लगती है। इससे थकान कम लगती है और दिन भर स्फूर्ति रहती है।

स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन करें

- सुबह 5 मिनट से शुरू करें - बस शांत जगह बैठकर अपनी सांस आती - जाती महसूस करें।

- मोबाइल साइलेंट रखें, आंखें बंद करें।

- विचार आएं तो उन्हें रोकें नहीं, बस वापस सांस पर आ जाएं।

- गर्मी में शीतली प्राणायाम के साथ ध्यान करें - जीभ को मोड़कर सांस खींचें, शरीर ठंडा रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र