सपा कार्यकर्ताओं का बरहज तहसील घेराव का एलान, पुलिस ने नेताओं को किया हाउस अरेस्ट

 






देवरिया, 30 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद में बरहज क्षेत्र में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले प्रशासन और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गुरुवार को टकराव की स्थिति देखने को मिली।

हालांकि कोई माहौल बिगड़ता पुलिस ने कई सपा नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया था।

जानकारी के मुताबिक, बीते दिन लक्ष्मीपुर गांव में अधिवक्ता की मौत के मामले को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने आज (गुरुवार) को बरहज तहसील का घेराव करने की घोषणा की थी, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने सख्त कदम उठाते हुए जिलाध्यक्ष समेत कई सपा नेताओं को सुबह हाउस अरेस्ट कर लिया।

बताया जा रहा है कि बुधवार रात और गुरुवार सुबह पुलिस ने सपा के जिलाध्यक्ष व्यास यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष गेना लाल यादव, वरिष्ठ नेता बेचू लाल यादव, संतोष यादव, मनोज यादव, रणवीर यादव, दिव्यांश श्रीवास्तव और बेचू लाल चौधरी सहित कई कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया।

उल्लेखनीय है कि बरहज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव में बीते दिनों चक नाली पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद अधिवक्ता विजेंद्र सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इस मामले में मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने पांच नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। इस प्रकरण में सपा निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है। इसी को लेकर तहसील घेराव की योजना बनाई गई थी। हालांकि, प्रशासन ने किसी भी तरह के धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी और एहतियातन तहसील परिसर में कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।

इस कार्रवाई पर पूर्व राज्यसभा सांसद कनक लता सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जरिए लोकतंत्र की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

फिलहाल क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन पूरी तरह से पुलिस नियंत्रण में बताई जा रही है और पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

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हिन्दुस्थान समाचार / ज्योति पाठक