स्मार्ट एप 'यक्ष' में लोड हो रहा है अपराधियों, गैंगस्टरों व हिस्ट्रीशीटरों का डाटा

 


मुरादाबाद, 26 फरवरी (हि.स.)। पुलिस अब परंपरागत तरीकों से आगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से अपराध की परतें खोलेगी। अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस एआई आधारित 'यक्ष' नामक स्मार्ट एप का सहारा ले रही है। जिसमें अपराधी, गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, किरायेदार और सदिग्ध व्यक्तियों का डाटा अपलोड किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल समय की जरूरत है। एआई आधारित यह एप हमारी जांच प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाएगा।

यक्ष नाम के इस एप को सिपाही से लेकर आईपीएस अफसर तक के मोबाइल में अपलोड कराया गया है। खासकर बीट सिपाहियों को इस एप पर अपने अपने क्षेत्रों के अपराधी, सक्रिय अपराधी, हिस्ट्रीशीटर, किरायेदार, का पूरा ब्योरा डिजिटल से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है।

इसमें नाम, पत्ता, फोटो, आपराधिक इतिहास, गैंग से जुडान, मोवाइल नंबर, वाहन विवरण और पिछले मामलों की जानकारी शामिल की जा रही है। एआई आधारित इस एप की मदद से कुछ ही सेकेंड में संदिग्ध व्यक्ति का रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।

पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल समय की जरूरत है। एआई आधारित यह एप हमारी जांच प्रक्रिया को तेज और सटीक बनाएगा। एक जिले में अपराध कर दूसरे जिले में छिपने वाले आरोपियों को ट्रैक करना अथ आसान होगा। हिस्ट्रीशीटर और गैंगस्टर की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी जाएगी।

एक जिले में दर्ज आरोपित की जानकारी दूसरे जिले की पुलिस भी तुरंत देख सकेगी:

पुलिस अधीक्षक नगर ने बताया कि शातिर अपराधी एक जिले में अपराध करने के बाद दूसरे जिले में छिप जाते हैं। इन्हें तलाशने में पुलिस को समय लगता था लेकिन इस एप के जरिए एक जिले में दर्ज आरोपित की जानकारी दूसरे जिले की पुलिस भी तुरंत देख सकेगी यदि किसी संदिग्ध का नाम या फोटो किसी अन्य जिले के रिकॉर्ड से मेल खाता है तो सिस्टम अलर्ट जारी करेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल