जल संसाधन प्रबंधन में योगी सरकार को मिला प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’

 


लखनऊ, 28 मार्च (हि.स.)। योगी सरकार ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। योगी सरकार ने जल संसाधन प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए देशभर में अपनी साख को और मजबूत किया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को नई दिल्ली में आयोजित 106वें स्कॉच शिखर सम्मेलन (स्कॉच समिट) में प्रतिष्ठित ‘स्कॉच अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। विभाग को यह सम्मान दो प्रमुख कार्यों महाकुम्भ-25 के दौरान गंगा की धाराओं के सफल चैनलाइजेशन और जल प्रबंधन में नवाचार के लिए प्रदान किया गया है। प्रतिष्ठित पुरस्कार सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने प्राप्त किया।

महाकुम्भ-25 के दौरान किया गया गंगा की धाराओं का चैनलाइजेशन

सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव अनिल गर्ग ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप महाकुम्भ- 25 में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं को अमृत स्नान कराने के लिए गंगा की धाराओं के चैनलाइजेशन के निर्देश दिए गये थे। उन्होंने बताया कि गंगा की धाराओं का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे सिंचाई विभाग ने सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसने प्रदेश की कार्यकुशलता और बड़े आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने की क्षमता का भी प्रदर्शन किया।

उन्होंने बताया कि गंगा नदी की तीन धाराओं को सफलतापूर्वक एक धारा में विलीन करना एक बड़ी तकनीकी और प्रशासनिक उपलब्धि रही। इसके साथ ही संगम क्षेत्र में ‘संगम नोज’ और विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया का निर्माण किया गया, जिससे करोड़ों श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाया जा सका। यह कार्य न केवल भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इससे सुरक्षा और सुव्यवस्था के मानकों को भी नया आयाम मिला।

रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर स्थापित ऑटोमैटिक गेट के लिए भी मिली सराहना

मुख्य अभियंता उपेंद्र सिंह ने बताया कि रामपुर स्थित भाखड़ा वियर (डैम) पर ऑटोमैटिक गेट की स्थापना को भी विशेष सराहना मिली है। इस अत्याधुनिक व्यवस्था से जल वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी और नियंत्रित बनाया गया है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार के साथ-साथ जल संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग का उद्देश्य टिकाऊ और प्रभावी जल प्रबंधन के माध्यम से कृषि उत्पादकता को बढ़ाना है, जिससे प्रदेश के किसानों को अधिक लाभ मिल सके।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन