छह दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण से ग्रामीण युवाओं और किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

 


कानपुर, 01 मार्च (हि.स.)। मशरूम उत्पादन के जरिए ग्रामीण युवाओं और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीक, मूल्यवर्धन और व्यवसायिक सम्भावनाओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई।

यह जानकारी पादप रोग विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव ने रविवार काे दी। उन्हाेंने बताया कि चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पादप रोग विज्ञान विभाग द्वारा आयोजित छह दिवसीय मशरूम प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में प्रदेश के 12 जनपदों से आए कुल 76 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन को व्यवसाय के रूप में अपनाने के लिए आवश्यक तकनीकी और व्यावहारिक जानकारी दी गई। विभागाध्यक्ष डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, खाद्य विज्ञान एवं पोषण विभाग की प्राध्यापक डॉ. विनीता सिंह, कु. अंजू शुक्ला तथा पादप रोग विज्ञान विभाग के डॉ. सिद्धार्थ सिंह और कीट विज्ञान विभाग की रोशनी ने मशरूम का इतिहास, श्वेत बटन एवं ढिंगरी मशरूम की उत्पादन तकनीक, मूल्यवर्धित उत्पादों की तैयारी, मशरूम व्यंजन, रोग प्रबंधन, फार्म संरचना और खेती के दौरान आने वाली समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. धनंजय सिंह ने स्पॉन उत्पादन की प्रक्रिया और उसमें आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर महत्वपूर्ण मार्गदर्शन दिया। वहीं बैंक से एमएसएमई से संबंधित कार्य देख रहे शिवम त्रिपाठी ने मशरूम उत्पादन के लिए अनुदान और ऋण प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी साझा की।

प्रयोगात्मक सत्रों में विभाग के शोधार्थी सौरभ सैनी, आकाश कुमार कमल, अंकित कुमार, कृष्णा कुमार और अभय सचान ने प्रशिक्षणार्थियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग दी। वर्ष 2012 में इसी विभाग से प्रशिक्षण प्राप्त कर सफल उद्यमी बने चन्द्रप्रकाश सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही तकनीक और निरंतर प्रयास से मशरूम खेती से लाखों रुपये की आय संभव है।

प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण मैनुअल वितरित किया गया ताकि भविष्य में मशरूम उत्पादन के दौरान उन्हें किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप