श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण : हाईकोर्ट में मंगलवार को दोपहर दो बजे होगी सुनवाई

 


लोक अदालत ने समझौता वार्ता को बताया विफल, 18 अगस्त को मुस्लिम पक्ष की गैरहाजिरी बनी आधार21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई नहीं हो सकी

मथुरा, 24 अगस्त (हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति अविनाश सक्सेना की अदालत में दोपहर दो बजे से मामले की सुनवाई प्रस्तावित है। वहीं, इसी प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर स्थानीय लोक अदालत में कराई गई। समझौता वार्ता को लेकर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव द्वितीय की अदालत ने भी निर्णय सुनाया है। लोक अदालत ने मुस्लिम पक्ष के उपस्थित नहीं होने के आधार पर समझौता वार्ता को विफल माना है।

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एवं हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में दोनों पक्षों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने का अवसर दिया गया था। इसके तहत स्थानीय स्तर पर तीन बार समझौता वार्ता का प्रयास किया गया।

उन्होंने बताया कि अंतिम बार 18 अगस्त को स्थानीय लोक अदालत में दोनों पक्षों को समझौता वार्ता के लिए बुलाया गया था। हिंदू पक्ष तो उपस्थित हुआ, लेकिन मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई प्रतिनिधि वार्ता में शामिल होने के लिए नहीं पहुंचा। इसके बाद लोक अदालत ने उपलब्ध परिस्थितियों के आधार पर समझौता वार्ता को विफल मानते हुए अपना निर्णय सुनाया।

महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, समझौता वार्ता से संबंधित इस प्रकरण पर 21, 22 और 23 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन निर्धारित तिथियों में मामला सुनवाई के लिए अदालत के समक्ष नहीं आ सका। इसके चलते अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर है। हिंदू पक्षकार ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। मंगलवार की सुनवाई को लेकर हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। उन्होंने कहा कि हिंदू पक्ष कानून और न्यायालय की प्रक्रिया में विश्वास रखता है और इसी माध्यम से प्रकरण का समाधान चाहता है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण में स्थानीय लोक अदालत द्वारा समझौता वार्ता विफल घोषित किए जाने और सुप्रीम कोर्ट में पिछली निर्धारित तिथियों पर सुनवाई नहीं होने के बाद अब मंगलवार की हाईकोर्ट सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार