मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं एसएचपीएससी की बैठक सम्पन्न

 


अमृत 2.0 के तहत 17 महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मिली मंजूरी, लाखों नागरिकों को मिलेगा पेयजल एवं सीवरेज सुविधाओं का लाभ

लखनऊ, 09 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में अमृत 2.0 के अंतर्गत 18वीं स्टेट हाई पावर स्टीयरिंग कमेटी (एसएचपीएससी) की मंगलवार को बैठक आयोजित की गई। बैठक में शहरी क्षेत्रों में आधारभूत नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से कुल 17 परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अनुमोदन प्रदान किया गया। इनमें 4 पेयजल, 10 सीवरेज तथा 3 अमृत सरोवर परियोजनाएं शामिल हैं।

बैठक में अनुमोदित पेयजल परियोजनाओं के अंतर्गत वाराणसी नगर निगम के विस्तारित क्षेत्रों में सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (फेज-1, लहरतारा जोन), सिस वरुणा जलापूर्ति योजना (फेज-1, पार्ट-बी, चितपुर जोन), जिला 2बी एवं 2सी की ओल्ड ट्रांस वरुणा जोन जलापूर्ति योजना तथा ओल्ड सिस वरुणा क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था के संवर्धन एवं विस्तार को स्वीकृति प्रदान की गई। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 1.75 लाख घरों को सुरक्षित एवं नियमित पेयजल कनेक्शन उपलब्ध होंगे।

सीवरेज क्षेत्र में वाराणसी नगर निगम के लहरतारा, दीनापुर एवं चितईपुर जोन की सीवरेज योजनाओं के साथ-साथ जोन 2बी एवं 2सी में ट्रांस वरुणा सीवरेज योजना, डिस्ट्रिक्ट-1 (ओल्ड सिस वरुणा) सीवरेज योजना, डिस्ट्रिक्ट-2ए सीवरेज योजना (ओल्ड सिस वरुणा) तथा विस्तारित क्षेत्र लमही जोन में ट्रांस वरुणा सीवरेज योजना (फेज-1, पार्ट-बी) को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से लगभग 3 लाख घरों को सीवरेज कनेक्शन का लाभ प्राप्त होगा।

इसके अतिरिक्त गोरखपुर में गोड़धोइया नाले के चैनलाइजेशन कार्य (फेज-2), आगरा जनपद के धांधुपुरा क्षेत्र में 100 एमएलडी क्षमता के एसबीआर तकनीक आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण तथा मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र में वृंदावन स्थित 8.0 एमएलडी यूएएसबी आधारित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के एसबीआर तकनीक में तकनीकी उन्नयन को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

बैठक में तीन अमृत सरोवर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई, जिनमें बुलन्दशहर में प्राचीन नागेश्वर मंदिर के निकट स्थित तालाब का विकास, सुलतानपुर जनपद की लम्बुआ नगर पंचायत के तुलसी नगर स्थित मलिन बस्ती के तालाब का विकास तथा बाराबंकी के सैदुआ तालाब का विकास कार्य शामिल है।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा कि अमृत 2.0 के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाएं प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में पेयजल, सीवरेज एवं जल संरक्षण संबंधी आधारभूत ढांचे को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने संबंधित विभागों को परियोजनाओं के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के निर्देश दिए ताकि नागरिकों को शीघ्र लाभ प्राप्त हो सके।

बैठक में प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद, प्रबंध निदेशक जल निगम (शहरी) रवीन्द्र कुमार सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा