शिवाजी की नीति से मिली देश को नई राह : मंत्री आशीष पटेल

 






कानपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। “छत्रपति शिवाजी महाराज सिर्फ योद्धा नहीं थे, उन्होंने अपने साहस, रणनीति और सुशासन से देश की सियासत को नई दिशा दी,” यह बातें सोमवार को ‘छत्रपति महोत्सव 2026 सामाजिक समरसता सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कही।

कार्यक्रम आयोजक आशीष सचान ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य समाज में समरसता, एकता और महापुरुषों के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। समिति के अनुसार ऐसे आयोजनों से युवाओं में राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होती है और समाज को नई दिशा मिलती है।

हिन्दवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर आयोजित ‘छत्रपति महोत्सव 2026 सामाजिक समरसता सम्मेलन’ ऐतिहासिक बन गया। मोतीझील स्थित लाजपत भवन में आयोजित इस भव्य आयोजन में सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और शौर्य की त्रिवेणी देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत मोतीझील मेट्रो स्टेशन के समीप स्थित शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई।

इसके बाद आशीष सचान एडवोकेट, राजेन्द्र प्रसाद और अरविन्द सचान के कुशल निर्देशन में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। रथ पर सवार शिवाजी महाराज की जीवंत झांकी और उनके साथ चलते घुड़सवार सैनिक आकर्षण का केंद्र रहे। डीजे की धुन पर गूंजते ‘जय भवानी–जय शिवाजी’ के नारों के बीच कुर्मी परिवार के सदस्य नाचते-गाते कार्यक्रम स्थल पहुंचे, जहां पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया।

लाजपत भवन में कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक राष्ट्रगान और माता जीजाऊ वंदना से हुई। मंच पर शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित भावनात्मक अभिनय प्रस्तुत किया गया, जिसे देख दर्शक भाव-विभोर हो उठे। किसान सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अविनाश काकडे ने कहा कि शिवाजी को ‘छत्रपति’ माता जीजाऊ ने संस्कारों से गढ़ा। यदि समाज में जीजाऊ जैसे संस्कार पैदा होंगे तो हर घर से शिवाजी जैसा नेतृत्व निकलेगा।

मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल युद्धकला में ही नहीं, बल्कि प्रशासन और सुशासन में भी अद्वितीय थे। उन्होंने समाज को संगठित कर नई राजनीतिक दिशा दी। ‘द मिशन सरदार’ के अध्यक्ष चिराग पटेल ने समता और सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि कंधे से कंधा मिलाकर चलना ही सच्ची एकता है। मराठा समन्वय परिषद के कमलेश पाटिल ने कुर्मी समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश को खिलाने और बनाने में इस समाज की बड़ी भूमिका रही है।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने समाज के अमर नायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को सम्मानित कर उनके योगदान को नमन किया। पूरे आयोजन में राष्ट्रभक्ति, परंपरा और सामाजिक समरसता की भावना स्पष्ट रूप से झलकती रही।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप