महिला की मौत के बाद हाईवे जाम कर पुलिस पर पथराव मामले में लेखपाल समेत सात गिरफ्तार
कानपुर, 31 अगस्त (हि.स.)। महाराजपुर थाना क्षेत्र में महिला की मौत के बाद रविवार शाम शव को लेकर जा रहे परिजनों और ग्रामीणों ने कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर शव रखकर जाम लगा दिया था। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस पर भीड़ ने ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला कर दिया था। पथराव में चकेरी और महाराजपुर इंस्पेक्टर के साथ अहिरवां चौकी प्रभारी घायल हो गए थे। मामले में चकेरी पुलिस ने सोमवार को बिल्हौर में तैनात लेखपाल, दो महिलाओं समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
शेखपुर गांव निवासी माला (32) की शादी करीब आठ वर्ष पहले लालूखेड़ा गांव निवासी मुन्ना निषाद से हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। मायके वालों के मुताबिक शनिवार को माला की तबीयत खराब थी। ताऊ के बेटे शनि ने उसे दवा दिलाने के बाद दोपहर करीब तीन बजे ससुराल छोड़ा था। करीब एक घंटे बाद माला के पति मुन्ना ने फोन कर बताया कि माला फंदे से लटक गई है। जानकारी मिलने पर परिजन ससुराल पहुंचे तो घर के अंदर माला का शव फंदे से लटका मिला।
सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की थी। आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद रविवार शाम मायके वाले शव लेकर घर जा रहे थे। रास्ते में ससुराल पक्ष के लोगों से उनकी कहासुनी हो गई। मायकेवालों ने आरोप लगाया कि माला की मौत के मामले में ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
इसके बाद परिजन और ग्रामीण शव को कानपुर-प्रयागराज जीटी रोड पर हवा महल ढाबे के सामने ले आए और हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। करीब 50-60 लोगों की भीड़ के कारण दोनों तरफ का यातायात रुक गया। इस दौरान कुछ लोगों ने एंबुलेंस चालक से अभद्रता करते हुए वाहन में तोड़फोड़ भी की।
सूचना पर चकेरी और महाराजपुर थाने का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ अपनी मांग पर अड़ी रही। बातचीत के दौरान कुछ उपद्रवियों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और लोहे की सरिया से हमला कर दिया। अचानक हुए पथराव से मौके पर अफरातफरी मच गई।
हमले में चकेरी इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्र, महाराजपुर इंस्पेक्टर जनार्दन सिंह और अहिरवां चौकी प्रभारी राजवीर सिंह घायल हो गए। तीनों पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए कांशीराम अस्पताल भेजा गया। पुलिस पर हमले और हाईवे जाम की सूचना मिलते ही एडीसीपी शिवा सिंह, चकेरी एसीपी आशुतोष सिंह समेत चार थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने स्थिति नियंत्रित करते हुए भीड़ को हाईवे से हटाया और शव को अंतिम संस्कार के लिए भिजवाया।
पथराव में घायल अहिरवां चौकी प्रभारी की तहरीर पर चकेरी थाने में 23 नामजद और 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने हत्या के प्रयास, बलवा, पुलिसकर्मियों पर हमला, सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी से रोकने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और सार्वजनिक मार्ग पर यातायात बाधित करने समेत बीएनएस की गंभीर धाराओं और सात सीएलए एक्ट के तहत कार्रवाई की।
पुलिस ने घटना की वीडियोग्राफी और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू की। आज पुलिस टीम एयरपोर्ट कट की ओर पहुंची तो सूचना मिली कि हाईवे जाम और पुलिस पर हमले में शामिल कुछ लोग अलौलापुर के रास्ते से छिपकर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर एयरपोर्ट मोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस ने आवश्यक बल प्रयोग करते हुए पांच पुरुषों और दो महिलाओं को पकड़ लिया।
एसीपी आशुतोष सिंह ने साेमवार काे बताया कि आज गिरफ्तार आरोपितों में ग्राम जाना निवासी लवकुश निषाद, शांति निषाद, अम्बुज कुमार, दीपू निषाद, ग्राम पपड़िया, बिठूर निवासी सौरभ कुमार, रजुवाखेड़ा, गंगाघाट, उन्नाव निवासी कैलाश कुमार, शुक्लागंज निवासी गीता कुशवाहा शामिल हैं। अम्बुज कुमार बिल्हौर में लेखपाल के पद पर तैनात बताया गया है। अन्य आरोपितों में मजदूर और राजमिस्त्री भी शामिल हैं।
उधर, माला के मायके वालों की तहरीर पर महाराजपुर थाने में उसके पति मुन्ना, सास जानकी, ननद ससनी और चचेरे देवर मुनेश्वर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और हाईवे पर हुए उपद्रव में शामिल अन्य आरोपितों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप