सेवा संकल्प बाइक यात्रा तिरुपति से 2,000 किमी का सफर तय कर पहुंची काशी
——कृष्णा-गोदावरी का पवित्र जल लेकर 25 युवा राइडर्स पहुंचे वाराणसी, सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकात्मता का दिया संदेश
वाराणसी, 06 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत तिरुपति से शुरू हुई सेवा संकल्प बाइक यात्रा मंगलवार शाम वाराणसी पहुंची। करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी तय कर काशी पहुंचे 25 युवा राइडर्स का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और आईटी एवं शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के मार्गदर्शन में तेलुगु नाडु स्टूडेंट्स फेडरेशन (टीएनएसएफ) और तेलुगु युवा के बैनर तले आयोजित इस यात्रा का उद्देश्य युवाओं की भागीदारी, सेवा, आध्यात्मिकता, विकास और राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।
—पांच राज्यों से होकर गुजरी यात्रा
30 सितंबर 2026 को तिरुपति से शुरू हुई यात्रा आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से होकर वाराणसी पहुंची। तिरुमला की पहाड़ियों की तलहटी में प्रार्थना और भगवान श्री वेंकटेश्वर के आशीर्वाद के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर टीडीपी, भाजपा, जनसेना पार्टी (जेएसपी) के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने राइडर्स का स्वागत किया।
यात्रा का मार्ग तिरुपति-श्रीकालहस्ती-कावली, कावली-मातूर-चिलकलूरिपेट-गुंटूर-मंगलागिरी, मंगलागिरी-विजयवाड़ा-मायलावरम-भद्राचलम, भद्राचलम-वारंगल-करीमनगर-पेद्दापल्ली-रामागुंडम-मंचेरियल, मंचेरियल-आदिलाबाद-नागपुर तथा नागपुर-जबलपुर-रीवा-प्रयागराज-वाराणसी रहा।
——कृष्णा और गोदावरी का जल लेकर पहुंचे काशी
यात्रा का प्रमुख आकर्षण पवित्र जल कलश रहा। राइडर्स ने मार्ग में विभिन्न पवित्र नदियों का जल एकत्र किया। विजयवाड़ा में कृष्णा नदी और भद्राचलम में गोदावरी नदी का पवित्र जल कलश में एकत्र कर काशी लाया गया। वाराणसी पहुंचने के बाद इस जल को मां गंगा को समर्पित किया गया। दक्षिण भारत की कृष्णा और गोदावरी नदियों का जल उत्तर भारत की गंगा तक पहुंचाना यात्रा के सांस्कृतिक संदेश का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। आयोजकों के अनुसार, यह पहल भारत की उस सनातन परंपरा को दर्शाती है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्र, भाषाएं, परंपराएं और आस्थाएं एक साझा सांस्कृतिक चेतना से जुड़ी हुई हैं।
——धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के किए दर्शन
यात्रा के दौरान राइडर्स ने श्रीकालहस्ती मंदिर, विजयवाड़ा स्थित कनक दुर्गा मंदिर, भद्राचलम के श्री राम मंदिर और महाराष्ट्र के चंपा आश्रम शांति धाम मंदिर सहित अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों के दर्शन किए। इन पड़ावों ने यात्रा के आध्यात्मिक उद्देश्य को और मजबूत किया।
——नागपुर में मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात
यात्रा के दौरान नागपुर भी महत्वपूर्ण पड़ाव रहा। यहां अनिमिनी रवि नायडू और एम. वी. प्रणव गोपाल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस से मुलाकात की और उन्हें तिरुमला तिरुपति देवस्थानम का प्रसाद भेंट किया।
—काशी में हुआ गर्मजोशी से स्वागत
वाराणसी पहुंचने पर राज्यसभा सांसद विजय चिंताकायला और सना सतीश बाबू ने राइडर्स का स्वागत किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार में स्टाम्प एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीयन विभाग के मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने यात्रा के प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए इसके उद्देश्य और भावना की सराहना की।
——'यह केवल बाइक रैली नहीं, सांस्कृतिक एकता की जीवंत यात्रा'
राज्यसभा सांसद विजय चिंताकायला ने कहा, यह केवल एक बाइक रैली नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत यात्रा है। आदि शंकराचार्य ने सदियों पहले चारों दिशाओं में मठ स्थापित कर यह संदेश दिया था कि भारत केवल भौगोलिक सीमाओं वाला देश नहीं, बल्कि एक साझा सांस्कृतिक चेतना है। आज वही भाव इस यात्रा में जीवंत दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि तिरुपति से काशी तक पवित्र जल लेकर पहुंची यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रीय एकात्मता का प्रतीक बन गई है।
——युवा शक्ति, विकास और राष्ट्रीय एकात्मता का संदेश
यात्रा ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और नारा लोकेश के नेतृत्व में युवाओं की भागीदारी, विकास, नवाचार और जनसेवा की भावना को भी रेखांकित किया। आयोजकों ने कहा कि राज्य के विकास एजेंडे को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यापक राष्ट्रीय विकास के विजन के साथ जोड़ने की भावना ने विकास और जनसेवा के संकल्प को नई गति दी है।
सेवा संकल्प यात्रा ने युवाओं, सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक आस्था और सशक्त, विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के साझा संकल्प को एक मंच पर जोड़ा। पांच राज्यों से होकर करीब 2,000 किलोमीटर की यात्रा करने वाले 25 युवा राइडर्स ने पूरे मार्ग में सेवा, संकल्प, आध्यात्मिकता, विकास और राष्ट्र की एकता का संदेश दिया।
—गंगा आरती और काशी विश्वनाथ में जलाभिषेक के साथ समापन
यात्रा का आध्यात्मिक समापन मंगलवार, 6 अक्टूबर को वाराणसी में हुआ। राइडर्स ने गंगा आरती में भाग लिया तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया। इस दौरान यात्रा में एकत्र किए गए कृष्णा और गोदावरी के पवित्र जल को मां गंगा को समर्पित किया गया।
तिरुपति से काशी तक पांच राज्यों, करीब 2,000 किलोमीटर की दूरी, कृष्णा और गोदावरी के पवित्र जल और 25 युवा राइडर्स के साथ चली यह यात्रा सेवा, संस्कृति, आध्यात्मिकता और राष्ट्रीय एकात्मता के संकल्प के साथ संपन्न हुई।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी