बारिश से बर्बाद तिल की फसल, मुआवजे की मांग लेकर डीएम कार्यालय पहुंचे किसान
बांदा, 14 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में नरैनी तहसील क्षेत्र स्थित बसहरी गांव में लगातार हुई तेज बारिश से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। खेतों में तैयार खड़ी तिल की फसल बारिश और जलभराव की चपेट में आकर खराब हो गई। इसके साथ ही गांव में कई कच्चे मकान भी बारिश के चलते क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। नुकसान से परेशान किसान सोमवार को खराब तिल की फसल काे हाथों में लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को अपनी समस्या से अवगत कराया।
किसानों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर राजस्व विभाग की टीम से गांव में मौके पर सर्वे कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय हुई तेज बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों ने बताया कि उन्होंने हर वर्ष की तरह इस बार भी तिल की फसल बोई थी, लेकिन कटाई से पहले हुई बारिश के कारण पूरी फसल खराब हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि बसहरी गांव के कई कच्चे मकान भी बारिश के कारण गिर गए हैं। इससे प्रभावित परिवारों के सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। ग्रामीणों के मुताबिक खेती ही अधिकांश परिवारों की आय का प्रमुख साधन है। फसल बर्बाद होने से आर्थिक स्थिति बिगड़ने की चिंता बढ़ गई है। किसानों ने कहा कि बारिश से हुए वास्तविक नुकसान का आकलन खेतों और गांव में मौके पर पहुंचकर ही किया जा सकता है। इसलिए लेखपाल और राजस्व निरीक्षक को भेजकर फसल तथा मकानों के नुकसान का सर्वे कराया जाए।
डीएम को दिए प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने नुकसान के आधार पर प्रभावित किसानों और मकान मालिकों को नियमानुसार मुआवजा एवं सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में बृजलाल, मिथलेश कुमार, राम मिलन, सूरज प्रसाद, दयाशंकर, राम सनेही, नत्थू कुमार, किशोरी लाल, महेश, बाबू, देवीचरन, राममिलन, छोटे, कल्लू कुमार, अयोध्या, रामदीन, रमजान और मनोहर समेत अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
--------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह