देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में लौह पुरुष सरदार पटेल की भूमिका रही ऐतिहासिक : डॉ. महेश शर्मा

 


नोएडा, 30 अगस्त (हि.स.)। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को नोएडा के सेक्टर 6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ विषय पर विचार गोष्ठी एवं ‘पटेल प्रेरणा’ स्मारिका के विमोचन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्लम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप मे पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. महेश शर्मा ने सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में लौह पुरुष की भूमिका ऐतिहासिक रही है। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, राष्ट्रभक्ति, दूरदर्शिता और निर्णय क्षमता आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को सरदार पटेल के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित और सामाजिक समरसता के लिए आगे आना चाहिए। ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ देश की एकता और सामूहिक विकास का संकल्प है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता परशुराम राष्ट्रीय शोध पीठ के राष्ट्रीय संयोजक देवव्रत त्यागी ने की। उन्होंने सरदार पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को नमन करते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता के लिए उनका योगदान सदैव प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर ने सरदार पटेल को भारत का महान योद्धा बताते हुए उनके राष्ट्र निर्माण में योगदान को याद किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री पंडित सुनील भराला ने सरदार पटेल के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। विभिन्न रियासतों को एक सूत्र में पिरोने में उनकी भूमिका भारतीय इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान और उनके सपनों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी