नए ऊर्जावान युवाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता : प्रो सुतावने
-विकसित स्टार्टअप्स से ही विकसित भारत 2047 का लक्ष्य साकार : अजय कुमार
-एमएनएनआईटी में “विचार से नवाचार तकः स्टार्टअप की सम्पूर्ण यात्रा” पर संगोष्ठी
प्रयागराज, 18 अप्रैल (हि.स.)। मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) प्रयागराज में शनिवार को “From Idea to Innovation : A Complete Journey of Startup” विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य युवाओं, शोधार्थियों एवं नवाचारकर्ताओं को विचार से लेकर सफल स्टार्टअप तक की सम्पूर्ण यात्रा के साथ-साथ वर्तमान आर्थिक परिदृश्य एवं वैश्विक ऊर्जा संकट पर स्वदेशी तकनीकी के माध्यम से समाधान पर विमर्श करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो. शरद मुकुल सुतावने ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति में उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका पर कहा कि “नए और ऊर्जावान युवा मस्तिष्कों को उद्यमिता की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है।” उन्होंने स्टार्टअप्स को आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला बताया।
मुख्य वक्ता बिहार-झारखंड स्वदेशी जागरण मंच के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय कुमार ने स्वदेशी उत्पादों एवं नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय संसाधनों एवं पारम्परिक ज्ञान के आधार पर विकसित स्टार्टअप्स ही विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार कर सकते हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों से उभर रहे स्टार्टअप्स की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
विशिष्ट अतिथि अटल इन्क्यूबेशन सेंटर, बीएचयू के निदेशक प्रो. पी.वी. राजीव ने स्टार्टअप्स की आत्मनिर्भरता एवं भारत सरकार के विजन 2047 की प्राप्ति में उनकी भूमिका पर प्रकाश डालते हुए विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं इन्क्यूबेशन सहयोग की जानकारी दी। साथ ही आईआईएचएमएफ के निदेशक प्रो. बसंत कुमार, प्रो. रमेश पांडेय तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राम कुमार मिश्रा भी मंचासीन रहे।
कार्यक्रम की प्रस्तावना कार्यक्रम इविवि के सहायक प्रोफेसर संयोजक डॉ. प्रभात चंद्र श्रीवास्तव, इलाहाबाद विश्वविद्यालय) एवं कार्यक्रम सह-संयोजक अंकित पांडेय संगठन मंत्री, स्वदेशी जागरण मंच प्रयागराज ने प्रस्तुत किया। इविवि विज्ञान एवं समाज विभागाध्यक्ष प्रो. रोहित मिश्रा ने समाज की जमीनी समस्याओं को समझकर उनके समाधान आधारित नवाचार विकसित करने की प्रेरणा दी।
“विकसित भारत 2047 में स्टार्टअप्स की भूमिका एवं जिम्मेदारी” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में डॉ. निमिष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. पंकज श्रीवास्तव, डॉ. संदीप सिंह एवं डॉ. दीपिका सिंह (संस्थापक एवं सीईओ) ने पैनलिस्ट्स ने स्टार्टअप्स की सामाजिक जिम्मेदारी, रोजगार सृजन, तकनीकी नवाचार एवं सतत विकास में उनकी भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
“भारत में नवाचारः सतत स्वदेशी समाधान का निर्माण” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में डॉ. सुधांशु झा, डॉ. प्रदीप तिवारी एवं डॉ. प्रभात चंद्र श्रीवास्तव ने इस दौरान स्वदेशी तकनीक एवं स्थानीय संसाधनों के माध्यम से सतत समाधान विकसित करने पर गहन चर्चा की गई।
अंत में आईआईएचएमएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राम कुमार मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए प्रयागराज एवं आसपास के क्षेत्रों में स्टार्टअप एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र