आत्मनिर्भर नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला : मीनाक्षी ताई
कानपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। आत्मनिर्भर नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला है, यह सिलाई केंद्र केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं बल्कि बहनों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त प्रयास है, महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करनी चाहिए, वर्तमान समय में आवश्यक है कि महिलाएं संगठित रहें और अपनी शक्ति को पहचानें। यह बातें शनिवार को मीनाक्षी ताई पिशवे ने कही।
जनपद में सीता नवमी के पावन अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद मातृशक्ति दुर्गावाहिनी द्वारा अत्यंत भव्य एवं प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्व हिन्दू परिषद् की केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय मातृशक्ति संयोजिका एवं अखिल भारतीय महिला समन्वय प्रमुख मीनाक्षी ताई पिशवे का सान्निध्य प्राप्त हुआ, जिनके मार्गदर्शन एवं प्रेरक उद्बोधन ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की।
कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रथम आयोजन बाबूपुरवा के सुभाष मंडल में संपन्न हुआ, जहां मीनाक्षी ताई ने मुख्य अतिथि के रूप में निःशुल्क सिलाई केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर नारी ही सशक्त समाज की आधारशिला है। यह सिलाई केंद्र केवल प्रशिक्षण का माध्यम नहीं, बल्कि बहनों को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर करने का सशक्त प्रयास है। उन्होंने उपस्थित बहनों को कौशल विकास के माध्यम से आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता प्राप्त करने का संदेश दिया।
इसके बाद तपेश्वरी देवी मंदिर में सीता नवमी के उपलक्ष्य में भव्य कार्यक्रम आयोजित हुआ। अपने उद्बोधन में मीनाक्षी ताई ने कहा कि नारी समाज परिवार की मूल धुरी है। माता सीता के जीवन से त्याग, धैर्य, मर्यादा और अदम्य आत्मबल की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यक है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनें, संगठित रहें और अपने भीतर निहित शक्ति को पहचानें। संगठित एवं संस्कारित समाज ही राष्ट्र को सशक्त और सुरक्षित बना सकता है।
कार्यक्रम में प्रान्त संयोजिका मातृशक्ति डॉ. सीमा जादौन ने अपने उद्बोधन में माता सीता के आदर्शों का स्मरण कराते हुए नारी के धैर्य, त्याग और स्वाभिमान को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताया तथा सभी से इन मूल्यों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विभाग संयोजिका डॉ. तापसी चक्रवर्ती, विनीता, रजनी, मधु, मोनिशा, गोपाल सहित बड़ी संख्या में भगिनी बंधु उपस्थित रहे। सभी ने माता सीता के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन माता सीता के जयघोष एवं राष्ट्र के सर्वांगीण कल्याण की कामना के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप