पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लिए चलेगा अभियान
लखनऊ, 07 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश की पात्र महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) से जोड़ने के लिए 15 दिवसीय विशेष सोशल मोबिलाइजेशन अभियान प्रारंभ किया गया है। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में 03 करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने के लक्ष्य को निर्धारित समयावधि में पूरा किया जाए। इसके लिए सभी जनपदों को लक्ष्य आवंटित कर अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक, सामाजिक एवं वित्तीय सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। समूहों से जुड़ने पर महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, ऋण एवं वित्तीय सहायता, कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन तथा सामाजिक नेतृत्व जैसे अनेक अवसर प्राप्त होते हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
अभियान के अंतर्गत जीरो पावर्टी, ग्रामीण राशन कार्डधारक परिवारों, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों, विधवा पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जाएगा। इसके लिए जनपद, विकास खंड एवं ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। रैली, गोष्ठी, घर-घर संपर्क, जनसंवाद तथा सोशल मीडिया सहित विभिन्न सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को समूहों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान को सफल बनाने के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों एवं मिशन कर्मियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर समूह सखी, स्वास्थ्य सखी, आजीविका सखी, आईसीआरपी, ग्राम संगठन की उप समितियां तथा सक्रिय समूह सदस्य कोटेदारों के सहयोग से घर-घर संपर्क कर पात्र महिलाओं की सहमति प्राप्त करेंगे तथा उन्हें स्वयं सहायता समूहों से जोड़ेंगे।
उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार समूह सखी द्वारा जोड़े गए प्रत्येक परिवार का तत्काल सखी एप पर अंकन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही पूर्व में जुड़े ऐसे परिवारों का भी अंकन किया जाएगा, जिनका विवरण अभी तक एप पर दर्ज नहीं हो सका है। अभियान के दौरान नवगठित स्वयं सहायता समूहों के बचत खाते शीघ्र खुलवाने के लिए बैंक सखियों को प्रतिदिन आवश्यक प्रपत्र उपलब्ध कराए जाएंगे तथा उन्हें लक्ष्य भी निर्धारित किए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक अरुण कुमार ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अभियान की प्रतिदिन विकास खंड स्तर पर खंड विकास अधिकारी तथा जनपद स्तर पर उपायुक्त (स्वतः रोजगार) द्वारा गहन समीक्षा की जाए। सभी जिला मिशन प्रबंधक अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करेंगे। अभियान के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं का समाधान मिशन मुख्यालय एवं एमआईएस टीम के समन्वय से किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन