नवरात्र के पहले दिन देवी मंदिरों में लगी भक्तों की भीड़,पुलिस ने 14 सेक्टर्स ओर 4 जोन में बांटी सुरक्षा
फर्रुखाबाद,19 मार्च (हि.स.)। नवरात्र के पहले दिन गुरुवार को शहर के देवी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ लगी। सुबह से ही महिलाओं ने नंगे पांव मंदिर पहुंचकर देवी मां की पूजा अर्चना की और मनौती मांगी।
वैसे तो जिले में 42 प्रमुख देवी मंदिर हैं लेकिन सर्वाधिक भीड़ बढ़पुर शीतला देवी मंदिर पर लगती है। यहां आसपास के जिलों के लोग आकर अपने बच्चों के मुंडन करवाते हैं। शीतला देवी से मनौती मांग कर मनौती पूरी होने पर फिर दर्शन करने आते हैं। आज नवरात्र के पहले दिन यहां भारी भीड़ उमड़ी। पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था बहाल रखने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि देवी मंदिरों की सुरक्षा के लिए जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने जिले को 14 सेक्टरों और 4 जोन में विभाजित किया है। इनमें सभी मंदिरों पर भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस बल चप्पे चप्पे पर नजर रखे हुए हैं। मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है जो मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।
जिलाधिकारी ने कहा कि त्योहारों को देखते हुए पुलिस पूरी तरह से चौकन्नी है। पुलिस कप्तान आरती सिंह खुद नजर बनाए हुए हैं। नवरात्र के आज पहले दिन मठिया देवी मंदिर, गुड़गांव मंदिर और शीतला देवी मंदिर, पुठरी मंदिर, नर्मदेश्वर महाराज मंदिर पर भक्तों की भारी भीड़ रही। यहां मां के दर्शन करने के लिए लोग लाइनों में लग रहे। माँ दुर्गा की लोग दिन भर पूजा अर्चना करते रहे।
वहीं आवास विकास स्थिति इस मंदिर पर लोगो ने देवी की पूजा अर्चना के साथ, हनुमान, नर्मदेश्वर महादेव, शनिदेव व ब्रह्म देव से मनौती मांगी। समाचार लिखे जाने तक जिले के देवी मंदिरों में भारी भीड़ लगी हुई है। मंदिरों और उनके परिसरों में या देवी सर्वभूतेषु मंत्र की गूंज सुनाई पड़ रही है। कुल मिलाकर नवरात्र के पहले दिन ही शहर का माहौल देवी मय हो गया है।
इस संबंध में शीतला देवी मंदिर कमेटी के सदस्य अजय कटियार बताते हैं कि इस मंदिर की विशेषता है कि यहां आने वाला कोई भी सवाली खाली हाथ नहीं गया है, हर किसी को मन वांछित फल मिला है। सबसे खास बात है कि जिन लोगों के आंखों में जलन पड़ती है वह लोग यहां शीतला देवी के दर्शन करने आते हैं और दर्शन करने से ही उनकी जलन खत्म हो जाती है, जिससे भक्तों की भारी भीड़ लगी रहती है।
---------------------
हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar