राहुल गांधी के नेतृत्व में दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस : प्रमोद तिवारी
- गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर हाईकमान के फैसले के साथ चलेंगे
- सीईसी से इस्तीफे और एसआइआर पर रोक की मांग
मीरजापुर, 15 अक्टूबर (हि.स.)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में पार्टी के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में देश में संविधान, लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए दूसरी आजादी की लड़ाई लड़ी जा रही है। आगामी विधानसभा चुनाव में गठबंधन को लेकर पार्टी हाईकमान का निर्णय स्वीकार किया जाएगा। गठबंधन में कितनी सीटों पर कांग्रेस चुनाव लड़ेगी, इस पर उन्होंने चुप्पी साधते हुए कहा कि बातचीत के दौरान ही निर्णय होगा। वह गुरुवार को विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
तिवारी ने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी साथी संविधान बचाने, लोकतंत्र मजबूत रखने और प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, एसआइआर और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में शंकाएं हैं तो उनका समाधान संवाद और पारदर्शिता से होना चाहिए। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने और एसआइआर प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की। कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सर्वोपरि है। विपक्ष को संसद और सड़क, दोनों जगह जनता की आवाज उठाने की जिम्मेदारी मिली है।
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से जुड़े घटनाक्रम पर उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और उनकी टीम से 25-30 वर्ष पुराने अच्छे संबंधों का हवाला देते हुए गुटबाजी और व्यक्तिगत दुर्भावना से इन्कार किया। कहा कि भीड़ अधिक होने से मां के दरबार में धक्का-मुक्की जैसी स्थिति बनी थी। वह प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंच भी नहीं पाए थे। नए राजनीतिक दल के गठन पर उन्होंने इसे संबंधित व्यक्ति का अपना निर्णय बताया।
इस दौरान जिलाध्यक्ष डा. शिवकुमार सिंह पटेल, शहर अध्यक्ष भगवान दत्त पाठक उर्फ राजन, सुधाकर तिवारी, मिन्हाज अहमद, शिवशंकर चौबे, कृष्ण गोपाल चौधरी, संजय दुबे, रमेश चंद्र प्रजापति आदि थे।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा