आपत्तिजनक बैनर लगाने पर आप नेता समेत पांच लोगों काे एसडीएम ने जारी किया नाेटिस
आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष समेत पांच लोगों को दी गई नोटिस
हमीरपुर, 11 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कस्बे के नगर पालिका परिषद के स्वागत गेट और अंंबेडकर पार्क में शनिवार को बिना अनुमति के कथित तौर पर आपत्तिजनक बैनर लगाने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने के प्रयास के मामले में प्रशासन ने आप कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह ने शनिवार को बताया कि आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष मनीष गुप्ता सहित पांच नामजद पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को शांति व्यवस्था के उल्लंघन की आशंका में बीएनएसएस की सुसंगत धारा के तहत पाबंद करने और एक-एक लाख रुपये का मुचलका जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही नगर पालिका परिषद मौदहा ने भी सरकारी संपत्ति पर अवैध रूप से बैनर प्रदर्शित करने पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
राम मंदिर चंदे को लेकर लगाया था बैनर
यह पूरा मामला अयोध्या श्री राम मंदिर के चंदे की कथित चोरी के विरोध से जुड़ा हुआ है। बीते 7 जुलाई को आप जिलाध्यक्ष मनीष गुप्ता के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मौदहा कस्बे के स्टेशन रोड स्थित आंबेडकर पार्क में एक बैनर लगाया था, जिस पर चंदा चोर पार्टी का कस्बा मौदहा में प्रवेश वर्जित है जैसी बातें लिखी गई थीं। इस बैनर के कारण क्षेत्र के लोगों में आक्रोश फैल गया और सत्ताधारी दल के पदाधिकारियों व समर्थकों द्वारा तीखी प्रतिक्रिया और विरोध की पूर्ण संभावना बन गई, जिससे सांप्रदायिक व सामाजिक शांति को खतरा पैदा हो गया। उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह ने बताया कि इन व्यक्तियों द्वारा लोगों को बरगलाने और भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा था, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की पूरी आशंका है। न्यायालय ने मनीष गुप्ता, आदित्य प्रजापति, रवि साहू, त्रिलोक चंद्र और बलराम सेन नामजद अभियुक्तों को अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने तथा एक वर्ष तक शांति बनाए रखने के लिए 1,00,000 रुपये का निजी बंधपत्र और इतनी ही धनराशि की दो जमानत दाखिल करने का निर्देश दिया है।
वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद मौदहा के अधिशासी अधिकारी सीमा तोमर ने भी मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए आप जिलाध्यक्ष मनीष गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगर पालिका की सरकारी संपत्ति पर बिना किसी पूर्व आधिकारिक अनुमति के आपत्तिजनक बैनर लगाया गया। पालिका ने इसे अनधिकृत कृत्य मानते हुए चेतावनी दी है कि वे अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि किसके आदेश या अनुमति से सरकारी संपत्ति पर यह विज्ञापन लगाया गया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा