त्रिलोचन महादेव के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजाराें श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

 






जौनपुर, 24 अगस्त (हि.स.)। सावन के चौथे सोमवार को प्राचीन त्रिलोचन महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर से पहले ही भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंजता रहा। मंदिर प्रशासन के अनुसार, सुबह आठ बजे तक करीब 50 हजार श्रद्धालुओं ने बाबा त्रिलोचन महादेव के दर्शन किए।

मुख्य पुजारी रविशंकर गिरी उर्फ सोनू ने बताया कि रात्रि आरती के बाद करीब 2:30 बजे मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके बाद लगातार श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान शिव को दूध, जल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और माला अर्पित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। नागपंचमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने नाग देवता का विशेष पूजन भी किया।

श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के चलते मंदिर के बाहर करीब 150 मीटर लंबी कतार लग गई। इसमें महिलाएं, पुरुष और बुजुर्ग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर प्रशासन और पुलिस की निगरानी में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराया गया।दर्शन-पूजन के बाद सोनम कंस्ट्रक्शन परिवार के सौजन्य से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दिनभर मंदिर और मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजामभारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। महिला पुलिस, सिविल पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया। स्वास्थ्य विभाग और अग्निशमन विभाग की टीमें भी सतर्क रहीं। प्रभारी निरीक्षक सतेंद्र विक्रम सिंह पुलिस बल के साथ मेला क्षेत्र का लगातार भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे।

गौरीशंकर धाम में भी उमड़ी भीड़सुजानगंज के गौरीशंकर धाम में भी सावन के चौथे सोमवार को जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां करीब 500 मीटर लंबी दो कतारें लगी रहीं। पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराने की व्यवस्था की। मौके पर राजस्व कर्मियों के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी मौजूद रही।

हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव