‘सविष्कार स्टार्टअप संगम: युवाओं को 'जॉब सीकर' नहीं, 'जॉब क्रिएटर' बनाने पर जोर

 


लखनऊ, 28 फरवरी (हि.स.)। ‘सविष्कार’ का दो दिवसीय अखिल भारतीय सम्मेलन ‘सविष्कार स्टार्टअप संगम 2026’ का शुभारम्भ शनिवार को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय में हुआ। नवाचार और उद्यमिता के इस महाकुंभ के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह उपस्थित रहे। इस दो दिवसीय आयोजन में 09 तकनीकी सत्रों के माध्यम से प्रतिनिधियों को उद्यमिता के क्षेत्र में सक्रिय योगदान हेतु प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा, “आज हमारे देश का नौजवान गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी जैसी विश्व की अग्रणी कंपनियों का नेतृत्व कर रहा है, लेकिन प्रश्न यह है कि हम भारत में रहकर ‘गूगल’ क्यों नहीं बना पा रहे हैं? इसका सबसे बड़ा कारण हमारा सामाजिक परिवेश है, जो नए प्रयोगों को पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं देता। आज भी अधिकांश अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा सुरक्षित सरकारी नौकरी, आईएएस, डॉक्टर या इंजीनियर बने, लेकिन स्टार्टअप के अनिश्चित भविष्य से जुड़े जोखिम से घबराते हैं। हमें इस मानसिकता की जंजीरों को तोड़ना होगा। यदि हम 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना चाहते हैं, तो हमें अपने बच्चों को उनके स्टार्टअप और नवाचार के सपनों में सहयोग देना होगा, न कि उन पर पारंपरिक करियर का दबाव बनाना होगा।”

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा विद्यार्थी परिषद का मानना है कि हमारे कैंपसों से केवल ‘डिग्रीधारक’ नहीं, बल्कि ‘समस्या समाधानकर्ता’ निकलने चाहिए। सविष्कार के माध्यम से हम युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने का प्रयास कर रहे हैं। यदि आपको समाज में कोई समस्या, कोई कमी दिखाई देती है चाहे वह एक्सेसिबिलिटी की हो या तकनीक की—वही आपके स्टार्टअप का आधार बन सकती है। हम केवल व्यवसाय की नहीं, बल्कि सतत विकास (सस्टेनेबिलिटी) की भी बात करते हैं। हमारे कैंपसों में ‘जीरो प्लास्टिक वेस्ट’ का लक्ष्य हो, ‘संडे फॉर कैंपस’ के माध्यम से पर्यावरण सेवा हो या ‘सेवा शनिवार’ के जरिए वंचितों की सहायता इन सभी में नवाचार की आवश्यकता है। ‘सविष्कार स्टार्टअप संगम 2026’ इसी नवाचार को एक मंच प्रदान करने का प्रयास है। मुझे विश्वास है कि यहाँ से निकलने वाला प्रत्येक युवा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में अपना योगदान देगा।”इस सत्र में सविष्कार के राष्ट्रीय संयोजक निसर्ग राठौड़, विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक प्रो. दीपक नगरिया तथा लोक नीति भारत के निदेशक सत्येंद्र त्रिपाठी सहित अनेक गणमान्य अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन