ऑनलाइन हाजिरी के विरोध में ग्राम पंचायत सचिव, सत्याग्रह जारी

 


तीसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर जताया विरोध

औरैया, 03 दिसंबर (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के सातों विकास खंडों में ग्राम पंचायत सचिवों द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति ( एफआरएस) और गैर विभागीय अतिरिक्त कार्यभार के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। सोमवार से शुरु हुआ शांतिपूर्ण सत्याग्रह आज बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसमें सचिवों ने ब्लॉक कार्यालयों में काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।

सचिवों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा लागू की गई ऑनलाइन उपस्थिति (FRS) उनके फील्ड आधारित दायित्वों के बिल्कुल विपरीत है। उनका अधिकांश समय गांवों में विकास कार्यों की निगरानी, सत्यापन, जनसमस्याओं के निस्तारण, समितियों की बैठकों तथा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा में व्यतीत होता है। ऐसे में प्रतिदिन ब्लॉक कार्यालय पहुंचकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना न तो व्यावहारिक है और न ही उनके कार्य की वास्तविकता के अनुरूप।

ग्राम पंचायत सचिवों ने गैर विभागीय अतिरिक्त कार्यभार थोपने पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि विभागीय दायित्व पहले से ही व्यापक और संवेदनशील हैं, लेकिन इसके बावजूद विभिन्न विभागों की अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंप दी जाती हैं, जिससे ग्रामीण विकास योजनाओं के सुचारु क्रियान्वयन में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। सचिवों का कहना है कि कार्यक्षेत्र, दायित्व और समय का संतुलन बनाए बिना लगातार अतिरिक्त कार्यभार देना उचित नहीं है।

सचिव संघ के पदाधिकारियाें ने बताया कि एक से चार दिसंबर तक सचिव काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। 5 दिसंबर को सभी सचिव सामूहिक धरना देकर अपनी मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपेंगे। इसके बाद सचिव जनपद स्तरीय सरकारी व्हाट्सएप समूहों से स्वयं को अलग कर लेंगे, ताकि अनावश्यक दबाव और मनमानी निर्देशों से बचा जा सके।

समन्वय समिति के जिलाध्यक्ष विनय यादव ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में 10 दिसंबर से सचिव शासकीय कार्यों के लिए निजी वाहनों का उपयोग बंद कर देंगे। वहीं 15 दिसंबर को अपने-अपने डोंगल ब्लॉक कार्यालय में जमा कर देंगे, जिससे ऑनलाइन कार्य प्रणाली पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।

हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार