‘साथी पोर्टल’ से ही होगा बीज उत्पादन और विक्रय, ऑफलाइन व्यवस्था समाप्त : जिला कृषि अधिकारी
--बीज कारोबार में पारदर्शिता लाने को ‘साथी पोर्टल’ हुआ अनिवार्य
--अपंजीकृत डीलरों पर होगी कार्रवाई, सभी बीज विक्रेताओं को पोर्टल पर होना होगा ऑन-बोर्ड
प्रयागराज, 12 मई (हि.स)। प्रदेश में कृषकों को उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने तथा बीज व्यवसाय को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा विकसित ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही अब बीज उत्पादन, स्टॉक प्रबंधन, स्थानांतरण एवं विक्रय की समस्त कार्यवाही अनिवार्य रूप से की जाएगी। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी प्रयागराज के के सिंह ने दी।
उन्होंने मंगलवार को बताया कि कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश (बीज एवं प्रक्षेत्र अनुभाग), लखनऊ एवं शासन के निर्देशानुसार 10 मई से प्रदेश के सभी कृषि विश्वविद्यालयों, अभिजनक बीज उत्पादक संस्थानों, सरकारी एवं अर्द्धसरकारी संस्थाओं, निजी कम्पनियों, फर्मों तथा एफपीओ को ‘साथी पोर्टल’ के माध्यम से ही बीज व्यवसाय संचालित करना होगा। सभी संस्थाओं को उ.प्र राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीकरण कराकर बीज उत्पादक एजेंसी के रूप में कार्य करना अनिवार्य होगा।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि फसल पंजीयन, क्षेत्र निरीक्षण, बीज परीक्षण, प्रमाणपत्र जारी करने, स्टॉक प्रबंधन, बीज प्रसंस्करण, पैकिंग एवं विक्रय जैसी सभी प्रक्रियाएं अब डिजिटल रूप से पोर्टल पर संपादित की जाएंगी। साथ ही, बीज उत्पादक एजेंसियों द्वारा स्टॉक स्थानांतरण, विक्रय एवं वापसी की प्रक्रिया भी केवल साथी पोर्टल के माध्यम से ही मान्य होगी। अपंजीकृत डीलर एवं डिस्ट्रीब्यूटर के साथ बीज व्यवसाय पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
उन्होंने कहा कि जनपद के सभी बीज विक्रेताओं, डीलरों, सहकारी एवं सरकारी विक्रय केंद्रों का पोर्टल पर ऑन-बोर्ड होना आवश्यक है। पोर्टल पर दर्ज स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाए जाने पर बीज अधिनियम 1966, बीज नियम 1968, बीज नियंत्रण आदेश 1983 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
के के सिंह ने बताया कि ट्रुथफुल बीजों का स्टॉक प्रबंधन एवं विक्रय भी साथी पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा तथा सभी बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी पोर्टल पर पंजीकृत किया जाएगा। उन्होंने सम्बंधित संस्थाओं, बीज उत्पादकों एवं विक्रेताओं से शीघ्र पोर्टल पर पंजीकरण कर शासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि किसानों को पारदर्शी व्यवस्था के तहत गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध हो सकें।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र