मुफ्त पढ़ाई, आधुनिक सुविधाएं और बड़े सपने; योगी सरकार में बदली सर्वोदय विद्यालयों की तस्वीर

 


लखनऊ, 28 जुलाई (हि.स.)। योगी सरकार में सरकारी स्कूल का मतलब सिर्फ किताब-कॉपी और सामान्य पढ़ाई नहीं रह गया है। उत्तर प्रदेश में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय गरीब और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए उस बदलाव की तस्वीर पेश कर रहे हैं, जहां फीस नहीं, लेकिन सुविधाओं में कोई कमी नहीं। स्मार्ट क्लास, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय से लेकर आवास, भोजन और यूनिफॉर्म तक की सुविधा मुफ्त मिल रही है। योगी सरकार की इस पहल ने प्रति वर्ष 30 हजार से अधिक छात्र- छात्राओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के रास्ते खोले हैं।

स्मार्ट क्लास से नीट- जेईई तक, गांव के बच्चों को मिल रहे बड़े मंच

सर्वोदय विद्यालयों में आधुनिक तकनीक ने पढ़ाई का अंदाज बदल दिया है। डिजिटल बोर्ड और स्मार्ट क्लास के जरिए पढ़ाई को रोचक बनाया जा रहा है, वहीं कंप्यूटर लैब और विज्ञान प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को तकनीकी और व्यावहारिक शिक्षा से जोड़ रही हैं। खास बात यह है कि नीट और जेईई जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर भी इन विद्यार्थियों को मिल रहा है। यानी महंगी कोचिंग और बड़े शहरों की निर्भरता के बिना ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिल रहा है।

103 विद्यालयों में मुफ्त शिक्षा

प्रदेश में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इनमें कक्षा 6 से 12 तक विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय शिक्षा दी जा रही है। पढ़ाई के साथ छात्रावास, भोजन, पाठ्य पुस्तकें, यूनिफॉर्म, खेल सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं। 2017 से पहले प्रदेश में 93 सर्वोदय विद्यालय थे। अब इनकी संख्या 103 हो चुकी है और करीब 19 नए विद्यालयों का निर्माण विभिन्न जिलों में कराया जा रहा है।

निदेशक, समाज कल्याण विभाग संजीव सिंह नेे बताया कि सरकारी व्यवस्था में मिल रहे इन अवसरों का असर परिणामों में भी दिखाई दे रहा है। हाल ही में मिर्जापुर के मड़िहान स्थित सर्वोदय बालिका विद्यालय सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में नीट की निःशुल्क आवासीय कोचिंग लेने वाली 34 छात्राओं में से 31 ने परीक्षा दी और 18 छात्राओं ने सफलता हासिल की।

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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन