गीतकार अंकित तिवारी के मधुर संगीत में झूमा संस्कृति विश्वविद्यालय
मथुरा, 06 अप्रैल (हि.स.)। बालीवुड के लोकप्रिय गायक अंकित तिवारी ने बीती रात रविवार को संस्कृति विश्वविद्यालय के स्पार्क 2026 में अपने दिल छूने वाले गीतों से चारचांद लगा दिए। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं गीतों के जादू में ऐसे खोए कि कब रात का एक बज गया पता ही नहीं चला। 16 वोल्ट के धमाकेदार संगीत की धुनों पर एक के बाद एक प्रसिद्ध गीतों को अंकित तिवारी ने ऐसा लड़ी में पिरोया कि लोग बस सुनते रह गए।
कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने का भजन पार्श्व में बज उठा और संस्कृति विवि के मुख्य मैदान के मंच पर इसी भजन के साथ प्रस्तुत हुए बालीवुड के लोकप्रिय गायक अंकित तिवारी। उनके आते ही विद्यार्थियों का शोर स्वागत के लिए चरम पर पहुंच गया। दिल का चैन रातों की नींद चुराई है, लगता है दिल तेरी शामत आई है, गीत गाते हुए अकित तिवारी ने अपनी पहली प्रस्तुति दी। तू जो है वो मैं हूं, गीत के साथ-साथ उन्होने विद्यार्थियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद उन्होंने बिना रुके दो दिल संवरने निकल पड़े, सनम तेरी कसम, तेरी बारिश भिंगाए, मुजे इश्क मुबारक, तेरी बिन जीना होता तो क्यों जीते हम जैसे गाने सुनाकर युवा दिलों को खूब गुदगुदाया।
अंकित तिवारी के लोकप्रिय गीतों का ही असर था कि छात्र-छात्राएं मंच के निकट आकर उनके गीतों पर जमकर नाचे और हर गाने में उनका बराबर साथ दिया। अंकित तिवारी ने अगला अपना लोकप्रिय गीत, तो फिर आओ, मुझको रुलाओ, तू मुझमें कहीं बाकी है, अपनी जबर्दस्त आवाज में गाया और लोगों का दिल जीत लिया। मैं बद्तमीज हूं मेरी आदत खराब है जैसे गीतों ने खूब सीटियां बजवाईं।
वहीं उन्होंने अपने गाए प्रसिद्ध गीत, सुन रहा है न तू रो रहा हूं मैं, दिल संभल जा जरा, फिर मोहब्बत करने चला है तू, तुझे सोचता हूं शामो सुबह, इससे ज्यादा और प्यार क्या करूं, जरा सी दिल में जगह जैसे गीतों पर छात्र-छात्राओं ने उनका बराबर से गाकर साथ दिया। इसके बाद उन्होंने बालीवुड के सदाबहार पुराने कीतों को गाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया। उनके गीतों का सिलसिला देर रहा और युवा दिल हिलोरें लेते रहे।------------
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार