घायल नाविकों से मिलने अस्पताल पहुंचे संजय निषाद, बोले-दोषियों पर होगी नजीर बनने वाली कार्रवाई
- वृंदावन में नाविकों से मारपीट के बाद मथुरा पहुंचे कैबिनेट मंत्री, घायलों और परिजनों से की मुलाकात
- मुख्यमंत्री योगी को पूरे प्रकरण से कराएंगे अवगत, सभी हमलावरों की गिरफ्तारी की उठाई मांग
- एंबुलेंस रोककर दोबारा हमला करने वालों पर कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने को कहा
- घायलों का निःशुल्क बेहतर इलाज, परिवारों की सुरक्षा और आर्थिक सहायता की रखी मांग
- कहा- पीड़ित परिवार अकेला नहीं, समाज के आत्मसम्मान और न्याय की रक्षा के लिए मजबूती से खड़े हैं
मथुरा। वृंदावन में नाविकों के साथ हुई मारपीट के बाद निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद बुधवार को मथुरा के अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायल नाविकों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इसके बाद एक्स पर पोस्ट कर घटना को अत्यंत निंदनीय और अक्षम्य बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराकर दोषियों के खिलाफ ऐसी कठोर कार्रवाई कराई जाएगी, जो नजीर बने।
वृंदावन के चीरघाट क्षेत्र में मंगलवार को विवाद के बाद दो पक्षों में लाठी-डंडे चले और पथराव हुआ था। इसमें कई लोग घायल हुए। अस्पताल में घायल को ले जाने के दौरान एंबुलेंस चालक और मेडिकल स्टाफ पर भी हमला किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घायलों के इलाज को लेकर दिए निर्देश
डॉ. संजय निषाद ने पोस्ट में कहा कि वह स्वयं मथुरा अस्पताल पहुंचकर घायल साथियों और उनके परिजनों से मिले तथा उनका कुशलक्षेम जाना। डॉक्टरों को समुचित और निःशुल्क उपचार के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार अकेला नहीं है। समाज के आत्मसम्मान और न्याय की रक्षा के लिए वह पूरी मजबूती से उनके साथ खड़े हैं।
सभी हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग
डॉ. संजय निषाद ने घटना में शामिल सभी हमलावरों और उपद्रवियों को तत्काल चिह्नित कर गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस रोककर दोबारा मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ कठोरतम धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। घायलों को बेहतर से बेहतर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए और पीड़ित नाविकों व उनके परिवारों को तत्काल सुरक्षा दी जाए।
पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग
कैबिनेट मंत्री ने पीड़ित परिवारों को शासन स्तर से उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा, “न्याय मिलकर रहेगा, जब तक दोषियों को सजा नहीं तब तक विश्राम नहीं।” इससे पहले भी उन्होंने नाविकों पर हुए हमले को गंभीर बताते हुए घायलों से मिलने मथुरा जाने और मामले को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान में लाने की बात कही थी।