प्रयागराज में संगम ब्रांड की शराब पर संतों में आक्रोश

 




--स्वामी ब्रह्मश्रम महाराज, शाडिल्य महाराज, रामाश्रम, बिनैका बाबा, अनंताचार्य महाराज ने जताई नाराजगी

--कहा, संगम से करोड़ों लोगों की आस्था, सरकार संज्ञान ले वरना आंदोलन शुरू करेंगे

प्रयागराज, 07 मई (हि.स)। सनातन धर्म की आस्था का केन्द्र तीर्थ स्थल संगम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। महाकुम्भ, कुम्भ और माघ मेला जैसा विशाल आयोजन होता है। देश, दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन का महानाम संगम है।

इस आस्था को दरकिनार करते हुए संगम नाम से अंग्रेजी ब्रांड की शराब बाजार में बिक रही है। महंगे दाम की यह शराब रामपुर डिस्टिलरी में तैयार हो रही है। धीरे-धीरे संगम नाम की इस शराब ने बिक्री की रफ्तार पकड़ी तो लोगों को जानकारी हुई। अब गुस्सा और गुबार सामने आने लगा है। इसके विरोध में देश के साधु, संतों और धर्मगुरुओं ने आवाज बुलंद करनी शुरू की है। संगम नाम से शराब की बिक्री बंद कराने के लिए प्रयागराज के साधु-संत देश के धर्मगुरुओं के साथ मिलकर बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं।

अखिल भारतीय दण्डी संन्यासी परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीठाधीश्वर स्वामी ब्राह्मश्रम महाराज वृन्दावन का कहना है कि कुछ अराजक तत्वों ने हमारे तीर्थराज प्रयागराज संगम के नाम पर अपनी शराब का नाम ‘संगम’ रखा है। यह विद्रोह की चिंगारी को जन्म देने जैसा है। उन्होंने कहा कि समय रहते चेत जाएं, अन्यथा उनको चेताने के लिए सारा समाज एकजुट होकर खड़ा होगा।

उन्होंने कहा कि संगम एक विश्व की धरोहर है, विश्व की आस्था उस संगम के साथ जुड़ी हुई है। विश्व के लोग अपने तमाम पितरों के पिंडदान करने, अपने मृतक लोगों के अस्थियों को लेकर संगम जाते हैं। जहां विसर्जन करते हैं। सबकी आस्था उससे जुड़ी हुई है। इसलिए सारा समाज आक्रोशित है।

अखिल भारतीय दण्डी सन्यासी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री पीठाधीश्वर स्वामी रामास्वामी शास्त्री महाराज गढवा, श्रृंगवेरपुरधाम का कहना है कि मैं इसका पुरजोर विरोध करता हूं। हमारी सनातन संस्कृति को बदनाम करने के लिए शराब जैसी वस्तु का नाम संगम रखा जाए, यह न्यायोचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार से मांग करता हूं कि इसका नाम ‘संगम’ कभी भी, किसी भी कीमत में होना नहीं चाहिए। संगम तो गंगा-यमुना-सरस्वती का परम पवित्र मिलन है, और उसका नाम अल्कोहल में? यह हमको स्वीकार्य नहीं है।

जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी शाडिल्य महाराज श्रृंगवेरपुर धाम का कहना है कि कुछ विधर्मी, कुछ अराजक तत्व संगम के नाम पर शराब का, मदिरा का नाम रख दिए हैं। सरकार से पहले तो मांग है कि तत्काल उसके ऊपर राजद्रोह, देशद्रोह के तहत मुकदमा दर्ज हो। दूसरा तत्काल उसकी गिरफ्तारी होकर जेल भेज दिया जाए।

जगदगुरू अनंताचार्य महराज दमोह, मध्म प्रदेश ने कहा कि जिस तीर्थराज प्रयाग में हम लोग स्नान करके मुक्ति की कामना करते हैं, जिस प्रयाग का नाम लेते ही पवित्रता अपने आप झलकने लगती है। जहां कल्पवास होता है, पौष की पूर्णिमा से माघ की पूर्णिमा तक साधु-संत, महात्मा सब लोग मिलकर के तपस्या करते हैं, उस पवित्र संगम नाम का इससे बड़ा और अपमान क्या हो सकता है?

जगदगुरू नारायणाचार्य स्वामी रामसुभगदास दास बिनैका बाबा, चित्रकूट का कहना है कि बड़े दुःख का विषय है जो प्रयागराज संगम के नाम से शराब की फैक्ट्री चलाई जा रही है। मैं साधु समाज, सभी संत समाज, खाक चौक की तरफ से घोर निंदा करता हूं। उत्तर प्रदेश सरकार को चाहिए कि इसमें संज्ञान ले और यह संगम और भगवान के नाम से जो शराब, बीड़ी, गुटखा चलाये जा रहे हैं, इसको तत्काल बंद करें, नहीं तो इसमें घोर संग्राम की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र