राम कृपा में संत समागम, कृष्ण रासलीला से भक्ति में डूबे श्रद्धालु

 




कानपुर 17 अप्रैल (हि.स.)। स्वरूप नगर स्थित राम कृपा परिसर में आयोजित संत समागम और भव्य धार्मिक कार्यक्रम ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक माहौल में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान वृंदावन से आए कलाकारों ने भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी रासलीला प्रस्तुत की, जिसे देखकर उपस्थित लोग भाव-विभोर हो उठे। मंचन इतना जीवंत था कि दर्शकों को मानो साक्षात भगवान के दर्शन होने का अनुभव हुआ।

इस आयोजन में देश-विदेश से कई प्रमुख संत-महात्माओं ने शिरकत की और अपने आशीर्वचन से वातावरण को और पावन बना दिया। जूना अखाड़ा से जुड़े संत, रामानुज परंपरा के आचार्य और विभिन्न धामों से आए महामंडलेश्वर स्तर के संतों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाया। वृंदावन और अन्य तीर्थ स्थलों से आई संत विभूतियों ने भक्ति, साधना और सनातन परंपरा के महत्व पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के आयोजक समाजसेवी चरणजीत मेहरा ने शुक्रवार काे बताया कि उनके जीवन के 80 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस विशेष आयोजन का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य का क्षण है कि इतने बड़े संत-महात्माओं का सानिध्य एक साथ प्राप्त हुआ। उन्होंने अपने जीवन को ईश्वर भक्ति के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि समय-समय पर वे धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का प्रयास करते रहते हैं।

समारोह में भजन-कीर्तन, कथा और भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया और हर ओर “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष गूंजते रहे।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना रहा। संतों ने अपने संदेश में कहा कि वर्तमान समय में भक्ति ही मनुष्य को शांति और मोक्ष का मार्ग दिखा सकती है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप