संत रमेश बाबा पंच तत्व में विलीन, अनुयायियों ने दी अश्रुपूर्ण विदाई
मुख्यमंत्री योगी की ओर से कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण ने दी श्रद्धांजलि
मथुरा, 07 अक्टूबर (हि.स.)। जिस व्रज की धूल को रमेश बाबा ने जीवनभर माथे से लगाया, उसी ब्रज की परिक्रमा करते हुए उनकी अंतिम यात्रा पूरी हुई। बुधवार रस मंडप गहवर वन से अंतिम दर्शन के बाद बाबा का सजा हुआ डोला निकला तो राधे-राधे के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। ब्रह्मचल पर्वत की परिक्रमा के दौरान मार्ग में खड़े ब्रजवासियों और अनुयायियों ने बाबा के डोले पर पुष्प अर्पित किए। संत को अंतिम विदाई देते समय ब्रजवासियों की आंखें छलक पड़ीं।
परिक्रमा पूरी होने के बाद डोला माताजी गौशाला पहुंचा, जहां पवित्र गोष्ठ में अंतिम संस्कार की विधियां शुरू हुई। आज उनकी अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रमेश बाचा जी के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री की ओर से श्रद्धांजलि देने के लिए यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण जी लखनऊ से सीधा बरसाना पहुंचे। रमेश बाबा के अंतिम दर्शनों के लिए हजारों भक्त, साधु-संत और आम लोग उमड़े। हर आंख नम थी, हर जुबां पर रमेश बाबा के जयकारे थे। पूलों से सजी अंतिम शैय्या पर रमेश बाबा को अंतिम विदाई दी जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी ओर से रमेश बाबा जी के लिए पुष्पचक्र भेजा। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण स्वयं बरसाना पहुंचे और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। मंत्री ने तुलसी माला और पुष्पचक्र अर्पित कर ब्रज के इस महान संत को नमन किया। रमेश बाबा का जाना ब्रज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। बरसाना में उन्होंने अपना पूरा जीवन ब्रज सेवा और गी सेवा में समर्पित कर दिया था। उनके अंतिम दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंचे और परिवार की महिलाओं और अनुयायियों ने अश्रुपूर्ण विदाई दी।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार