संत प्रेमानंद रमणरेती क्षेत्र में पदयात्रा करते दिखे, अचानक दर्शन पाकर भक्त हुए मुग्ध

 


मथुरा, 11 अगस्त (हि.स.)। वृंदावन यमुना विहार आश्रम में एकांतवास कर रहे संत प्रेमानंद मंगलवार अचानक रमणरेती क्षेत्र में पदयात्रा करते दिखाई दिए तो परिक्रमा कर रहे भक्तों और राहगीर उनके दर्शन को दौड़ पड़े। भोर में अचानक संत प्रेमानंद को पदयात्रा करते देख लोग मुग्ध हो गए।

संत प्रेमानंद इन दिनों यमुना पार जहांगीरपुर के नए आश्रम यमुना विहार आश्रम में एकांतवास कर रहे हैं। पिछले 18 मई को संत प्रेमानंद ने स्वास्थ कारणों के चलते श्रीराधा केलिकुंज छोड़कर यमुना पार कुटिया में एकांतवास शुरू कर दिया था। ऐसे में श्रीराधा केलिकुंज में प्रतिदिन आयोजित होने वाली पदयात्रा, एकांतिक वार्ता, एकांतिक दर्शन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया था। संत प्रेमानंद गुरुपूर्णिमा पर अपने गुरु गौरांगी शरण के बाराहघाट स्थित आश्रम पहुंचे और गुरुपूजन के बाद श्रीराधा केलिकुंज में लगभग दो घंटे का समय बिताने के बाद वाणी का सस्वर पाठ किया और यमुना विहार आश्रम लौट गए थे। वे यमुना विहार आश्रम में वर्तमान में एकांतवास कर रहे हैं, न तो पदयात्रा कर रहे हैं और न ही एकांतिक वार्ता और एकांतिक दर्शन के कार्यक्रम शुरू हो सके हैं।

मंगलवार की सुबह लगभग पांच बजे जब वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा श्रद्धालु कर रहे थे और कुछ श्रद्धालु श्रीराधा केलिकुंज के बाहर सत्संग में शामिल होने के लिए पहुंचे थे तो अचानक राधाटीला से कार से उतरे संत प्रेमानंद पदयात्रा करते हुए दिखाई दिए। ये देख श्रद्धालुओं की भीड़ संत प्रेमानंद के दर्शन को पहुंचने लगी।

संत प्रेमानंद पहले बाराहघाट स्थित अपने गुरु गौरांगीशरण के आश्रम पहुंचे, जहां गुरुदेव के दर्शन व आशीर्वाद लेने के बाद श्रीराधा केलिकुंज पहुंचे। लगभग एक घंटे वृंदावन में रहने के बाद छह बजे संत प्रेमानंद यमुना पार यमुना विहार आश्रम के लिए रवाना हो गए।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार