सुरक्षित भोजन और नशा मुक्ति को लेकर जनजागरण जरूरी : ज्योति बाबा
कानपुर, 07 जून (हि.स.)। सुरक्षित भोजन केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का भी महत्वपूर्ण आधार है। दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों के बढ़ते खतरे से बचाव के लिए जनजागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। साथ ही युवाओं को नशे और असुरक्षित भोजन दोनों के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाना चाहिए।
यह बातें रविवार को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख योग गुरु ज्योति बाबा ने कहीं। विकास नगर स्थित संस्था कार्यालय में सोसाइटी योग ज्योति इंडिया एवं सूर्योदय फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय “सुरक्षित भोजन, जहर मुक्त अन्न : नशा मुक्त तन” रहा।
मुख्य वक्ता ज्योति बाबा ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में हर वर्ष 60 करोड़ लोग दूषित भोजन से बीमार पड़ते हैं और 4.2 लाख लोगों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि भारत में खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या बनी हुई है और इसके खिलाफ सामूहिक प्रयासों की जरूरत है।
आरएसजी सेवा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम शंकर गुप्ता ने कहा कि दूषित भोजन और पानी के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। वरिष्ठ समाजसेवी पीयूष रंजन सनातनी ने कृषि उत्पादों में कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई। कार्यक्रम के दौरान सूर्योदय फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र राय को समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए “लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर समाज सेवा श्री सम्मान-2026” से सम्मानित किया गया।
ज्योति बाबा ने कहा कि असुरक्षित भोजन से देश को प्रतिवर्ष भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं नेशनल एंटी ड्रग्स एक्टिविस्ट डॉ. धर्मेंद्र यादव ने ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। संगोष्ठी में नशा मुक्ति के साथ “जहर मुक्त थाली अभियान” चलाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर ज्योति बाबा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान को मिलावटी खाद्य पदार्थों की रोकथाम और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने संबंधी ज्ञापन भी सौंपा। कार्यक्रम में धीरेंद्र राय सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। संगोष्ठी का समापन “सुरक्षित भोजन, बेहतर जीवन – नशा मुक्त तन, जहर मुक्त अन्न” के उद्घोष के साथ हुआ।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप