बस दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उप्र में लागू होगी सुरक्षित चालन प्रोत्साहन योजना

 


लखनऊ, 07 नवम्बर (हि.स.)। परिवहन निगम की बसों से हो रही दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार चालकों के लिए ‘सुरक्षित चालन प्रोत्साहन योजना’ शुरू करने जा रही है। परिवहन बोर्ड की बैठक में इसे 01 जनवरी, 2024 से लागू किए जाने का निर्णय लिया गया है। इससे चालकों में सुरक्षित बस संचालन को बढ़ावा मिलेगा।

264 दिन ड्यूटी आवश्यक

प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि निगम में दुर्घटनाओं के फलस्वरूप एक बड़ी धनराशि जनधन की क्षतिपूर्ति के रूप में दी जाती है तथा बस के क्षतिग्रस्त हो जाने से संचालन प्रभावित होता है। इससे राजस्व की भी हानि होती है। चालकों को इस प्रोत्साहन योजना का लाभ तभी मिलेगा जब एक कैलेण्डर वर्ष अर्थात 01 जनवरी से 31 दिसम्बर तक की अवधि में चालकों ने कम से कम 264 दिन ड्यूटी तथा 66000 किमी बस का संचालन किया हो।

मिलेगी 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

दयाशंकर सिंह ने बताया कि एक कैलेण्डर वर्ष में निर्धारित अर्हता एवं दुर्घटना रहित बस संचालन करने पर 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एक मुश्त अगले वर्ष जनवरी माह में चालकों को दी जाएगी। यदि किसी चालक द्वारा कैलेण्डर वर्ष में निर्धारित कार्य दिवस अथवा किमी पूरे नहीं किए जाते हैं तो उस वर्ष की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। इस दौरान यदि कोई दुर्घटना घटित होती है तो उस वर्ष के लिए चालक प्रोत्साहन योजना से वंचित होगा।

उन्होंने बताया कि दुर्घटना का अभिप्राय ऐसी बस दुर्घटना से होगा जिसमें बस के विरूद्ध दुर्घटना कारित किए जाने के फलस्वरूप जान की हानि अथवा घायल होने के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई हो या जिसमें 10 हजार रुपये से अधिक की क्षति बस में हुई हो।

हिन्दुस्थान समाचार/ पीएन द्विवेदी/दिलीप