श्रीजीयर स्वामी ने श्रीराम जन्मभूमि की महिमा का किया बखान, पांच हजार यजमानों ने विश्व कल्याण के लिए दी आहुति
- राजघाट में वैदिक मंत्रों से गूंजा यज्ञ मंडप, 28 मार्च तक चलेगा श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ
- देश के विभिन्न राज्यों से संत, महात्मा, जीयर स्वामी के शिष्य और श्रद्धालु पहुंच रहे अयोध्या
लखनऊ, 22 मार्च (हि.स.)। राजघाट अयोध्या में श्रीजीयर स्वामी महाराज के सानिध्य में आयोजित श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ में रविवार को वैदिक परंपरा के अनुसार अरणी मंथन के साथ यज्ञीय अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। दर्जन भर आचार्यों के मंत्रोच्चार के बीच करीब पांच हजार यजमानों ने विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और लोकमंगल की कामना के साथ यज्ञ मंडप में आहुति देना शुरू किया। यह महायज्ञ 28 मार्च तक चलेगा।
इस अवसर पर श्रीजीयर स्वामीजी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि अयोध्या की पावन नगरी में इस प्रकार का भव्य यज्ञ होना सभी सनातनियों के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है, जहां प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ और जहां अनेक ऋषि-मुनियों ने समय-समय पर यज्ञ कर धर्म और लोककल्याण का मार्ग प्रशस्त किया। ऐसे पावन धाम पर यज्ञ करने का सौभाग्य मिलना महान पुण्य का कार्य है।
उन्होंने कहा कि जो भी श्रद्धालु इस महायज्ञ में भाग लेगा, आहुति देगा या यज्ञ मंडप की परिक्रमा करेगा, उसे अनंत पुण्य की प्राप्ति होगी। श्रीजीयर स्वामीजी महाराज ने कहा कि लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में सहभागी बनने और भगवान श्रीलक्ष्मी नारायण की आराधना करने से जीवन में कृपा, शांति और मंगल की वृद्धि होती है। उन्होंने अयोध्या धाम की महिमा बताते हुए कहा कि इस धाम में प्रवेश मात्र से अनेक जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं और प्रभु श्रीराम के दर्शन से जीवन धन्य हो जाता है। हनुमानगढ़ी अयोध्या के महंत धर्मदास महाराज इस महायज्ञ के प्रधान यजमान हैं। आयोजन को सफल बनाने में कमलेश सिंह, राहुल सिंह, संतोष तिवारी समेत बड़ी संख्या में भक्तगण और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।
मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने बताया कि महायज्ञ का दृश्य अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक है। पूरे यज्ञ मंडप में 1251 हवन कुंड बनाए गए हैं और प्रत्येक हवन कुंड पर चार-चार यजमान बैठकर आहुति दे रहे हैं। इस प्रकार एक साथ लगभग 5000 यजमानों द्वारा वैदिक रीति से हवन किए जाने से पूरा क्षेत्र वैदिक मंत्रों, हवन की सुगंध और भक्तिभाव से गुंजायमान हो उठा है। दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु इस दुर्लभ और विशाल यज्ञीय आयोजन के साक्षी बन रहे हैं।
उन्हाेंने बताया कि यज्ञ मंडप की परिक्रमा के लिए भी हजारों की संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। परिक्रमा के बाद श्रद्धालु श्रीजीयर स्वामीजी महाराज का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ रही हैं। यज्ञ स्थल पर सुरक्षा, आवागमन और श्रद्धालुओं के सुचारु प्रवेश-निकास के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उन्हाेंने बताया कि सैकड़ों एकड़ में फैले आयोजन स्थल पर श्रद्धालुओं और यजमानों के रहने, खाने और विश्राम के लिए बड़े पैमाने पर टेंट, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री एवं यज्ञ समिति के अध्यक्ष दयाशंकर सिंह आयोजन के हर पहलू पर नजर बनाए हुए हैं। पूरे यज्ञ की देख रेख श्रीअयोध्यानाथ स्वामीजी महाराज कर रहे हैं।
मीडिया प्रभारी अखिलेश बाबा ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत देश के विभिन्न राज्यों से संत, महात्मा, स्वामीजी के शिष्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। आयोजन में सनातन परंपरा, वैदिक संस्कृति और आस्था का विराट स्वरूप देखने को मिल रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ .राजेश