शताब्दी वर्ष में अवध प्रान्त के 48 लाख परिवारों से सम्पर्क, 2728 स्थानों पर हुए हिन्दू सम्मेलन
लखनऊ, 17 मार्च (हि.स.)। शताब्दी वर्ष में हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने अवध प्रान्त के 15864 गाँवों में 48 लाख से अधिक परिवारों से सम्पर्क किया। विगत नवम्बर व दिसम्बर माह में चले महासम्पर्क अभियान में 20 हजार टोलियों के माध्यम से 80 हजार कार्यकर्ताओं ने सम्पर्क किया। यह जानकारी मंगलवार काे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अवध प्रान्त के सह प्रान्त कार्यवाह संजय सिंह ने दी। वह विश्व संवाद केन्द्र जियामऊ के अधीश सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।
संजय सिंह ने बताया कि अवध प्रान्त में 2728 स्थानों पर हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सामाजिक सद्भाव की 294 बैठकें एवं 124 केन्द्रों पर प्रमुख जन गोष्ठियों का आयोजन किया गया। अवध प्रान्त के प्रांत संघचालक सरदार स्वर्ण सिंह ने बताया कि शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम आगामी विजयदशमी तक सम्पन्न होंगे, आगे युवा पीढ़ी में राष्ट्रबोध, संगठन स्वभाव एवं समाज परिवर्तन के प्रयत्न की वृद्धि को ध्यान में रखकर युवकों में कार्य बढ़ाने की योजना है, कार्य विस्तार की दृष्टि से अधिकतम स्थानों पर अधिकतम कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाते हुए अधिकतम शाखाएं खड़ी करने की योजना है। संघ का काम निरंतर चलने वाला काम है, शताब्दी वर्ष वास्तव में संघ की 100 वर्ष की यात्रा का अनुवर्तन ही है। शताब्दी वर्ष में समाज की बहुत बड़ी सज्जन शक्ति, सुप्त शक्ति एवं उत्सुक शक्ति का अनुवर्तन करते हुए 'राष्ट्र प्रथम का भाव' एवं 'पंच परिवर्तन का स्वभाव' उत्तरोत्तर बढ़ता रहे इस हेतु आवाहन किया गया।
सह प्रान्त कार्यवाह संजय सिंह ने बताया कि विगत विजयादशमी से देश भर में अधिक संख्या में सम्पन्न उत्सवों के साथ ही शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम प्रारंभ हुए। इन विविध कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं की व्यापक योजना एवं परिश्रम के अनुसार सर्वत्र सफलता मिली। समाज बंधुओं ने उन्हें सहर्ष तथा हृदयपूर्वक स्वागत करते हुए सहयोग एवं समर्थन दिया। संघ के निमंत्रण पर समाज के विभिन्न वर्गों-श्रेणियों के बंधु भगिनी उत्साह से सहभागी होकर कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से सम्पन्न करने में अपार योगदान दिए। मंडल बस्ती स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों के कारण संगठन की दृष्टि से समाज की छोटी इकाई तक पहुँचने में बड़ी सफलता मिली है। गृह सम्पर्क के कारण संघ को, संघ के विचारों को घर घर तक पहुँचाना सम्भव हो रहा है। सद्भाव बैठकों और नागरिक गोष्ठी से समाज में सकारात्मक चिंतन एवं कर्तव्य बोध का निर्माण हो रहा है।प्रान्त प्रचार प्रमुख डा. अशोक दुबे ने कहा कि पंच परिवर्तन के विषयों का सर्वत्र स्वागत है। संघ के बारे में जानने की तथा सामाजिक कार्यों के बारे में उत्सुकता बढ़ रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन