के.एम. विश्वविद्यालय में आरएसएस ने युवा डॉक्टरों को दिलवाया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
सकारात्मक सोच और संस्कार से देश को दें नई दिशा : क्षेत्र प्रचार प्रमुख शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार जरूरी: किशन चौधरी
मथुरा, 24 अगस्त (हि.स.)। के.एम. विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (जिला मथुरा) के तत्वावधान में सोमवार दोपहर युवा संवाद: राष्ट्रोत्थान की संघ दृष्टि कार्यक्रम का आयोजन संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से मेडिकल क्षेत्र से जुड़े युवाओं, यूजी-पीजी डॉक्टर्स और छात्र-छात्राओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर राष्ट्र, समाज, संस्कृति और वर्तमान वैश्विक व राष्ट्रीय चुनौतियों पर गहन मंथन किया। कार्यक्रम में आरएसएस के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख पदमजी, संघ विभाग प्रचारक पारस पार्थ सारथीजी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख पदम ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी समर्थ राष्ट्र के निर्माण में उसकी युवाशक्ति की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा, यदि युवा सकारात्मक सोच, अनुशासन, उच्च संस्कारों और निस्वार्थ सेवा भाव के साथ आगे बढ़ें, तो वे समाज और देश को एक नई सकारात्मक दिशा प्रदान कर सकते हैं। विभाग प्रचारक पारस पार्थ सारथीजी ने युवा डॉक्टरों व विद्यार्थियों से अपने व्यक्तिगत व व्यावसायिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि युवा देश की वास्तविक ताकत और रीढ़ हैं। उन्होंने बल देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान और डिग्री तक सीमित न रहकर सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को गहराई से समझना चाहिए। युवाओं को समाज सेवा, देश की संप्रभुता, अखंडता और सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर रहना चाहिए। इस युवा संवाद कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विवि के प्रति कुलपति व मेडीकल कालेज के डीन डा. शरद अग्रवाल, कुलसचिव डॉ. पूरन सिंह, वेटरिनरी रिसर्च सेंटर के डॉ. अशोक कुमार, केएम सिंह के अलावा विवि के विभिन्न संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, प्रोफ़ेसर तथा बड़ी संख्या में यूजी व पीजी के डॉक्टर-विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी युवा डॉक्टरों और छात्र-छात्राओं ने राष्ट्र व समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारियों को स्वीकार करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय और निरंतर सहभागिता दर्ज कराने का सामूहिक संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार