कानपुर: 138 करोड़ की नमामि गंगे परियोजना को मिली रफ्तार : रमेश अवस्थी

 


कानपुर, 03 जुलाई (हि.स.)। मां गंगा को निर्मल और अविरल बनाना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 138 करोड़ रुपये की इस परियोजना के समयबद्ध पूरा होने से कानपुर में गंगा संरक्षण को नई दिशा मिलेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प को मजबूती मिलेगी। यह बातें शुक्रवार को कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने नमामि गंगे परियोजना की समीक्षा बैठक में कहीं।

सांसद रमेश अवस्थी ने अपने आवास पर उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) और गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर नमामि गंगे परियोजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में गंगा में गिरने वाले 14 प्रमुख नालों को टेप करने तथा प्रदूषित जल के प्रवाह को रोकने के लिए चल रहे कार्यों की जानकारी ली गई।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के प्रथम चरण में 14 नालों को टेप करने का कार्य शुरू हो चुका है। इस चरण पर लगभग 70 करोड़ रुपये की लागत से कार्य कराया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद गंगा में सीधे गिरने वाले प्रदूषित जल में उल्लेखनीय कमी आएगी।

समीक्षा के दौरान सांसद ने अधिकारियों को गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने और सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना कानपुरवासियों की लंबे समय से चली आ रही अपेक्षाओं से जुड़ी है और इसके पूरा होने से शहर में गंगा संरक्षण के प्रयासों को नई गति मिलेगी।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि सांसद की ओर से हाल ही में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के समक्ष उठाए गए प्रस्ताव के बाद परियोजना के लिए 138 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के मुख्य अभियंता एस.के. सिंह और गंगा प्रदूषण नियंत्रण परियोजना के प्रबंधक मोहित चक ने बताया कि परियोजना का लक्ष्य जुलाई 2027 तक पूरा करने का है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप