पंचायत चुनाव समय पर कराए प्रदेश सरकार या बढ़ाए कार्यकाल : पवन भाई गुप्ता

 


लखनऊ, 27 अप्रैल (हि.स.)। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रदेश अध्यक्ष पवन भाई गुप्ता ने प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक और प्रशासनिक परिस्थितियों पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सोमवार को जारी अपने एक बयान में सरकार की कार्यप्रणाली, विशेष रूप से पंचायत चुनावों को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की इस सबसे महत्वपूर्ण कड़ी को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव कराने के प्रति सरकार का रवैया शुरू से ही ढुलमुल और टालमटोल वाला रहा है, जिसके कारण आज असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी भी समय है कि पंचायतों में सरकारी प्रशासकों की तैनाती के विचार को त्याग दिया जाए। उनके अनुसार, स्थानीय निकायों की कमान अधिकारियों को सौंपना जनता के अधिकारों का हनन है, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह या तो तत्काल चुनाव संपन्न कराए या फिर चुनाव होने तक वर्तमान में चुने हुए जन प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाए ताकि ग्रामीण विकास की निरंतरता बनी रहे।

सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए पवन भाई गुप्ता ने कहा कि जनभावनाएं अब वर्तमान सत्ता के पक्ष में नहीं रह गई हैं और इस सच्चाई का आभास शायद स्वयं सरकार को भी हो चुका है। यही कारण है कि सरकार अब स्थानीय पंचायत चुनावों का सामना करने के बजाए सीधे विधानसभा चुनावों की ओर देख रही है और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं में देरी कर रही है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए वे हर स्तर पर संघर्ष को तैयार रहें। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि चाहे सरकार जबरन प्रशासकों की नियुक्ति करे या चुनाव में देरी की रणनीति अपनाए, पार्टी इस अलोकतांत्रिक कदम का सड़कों से लेकर राजनीतिक मंचों तक प्रखर विरोध करेगी। जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पंचायत चुनावों के साथ-साथ गुप्ता ने उत्तर प्रदेश की वर्तमान कानून व्यवस्था पर भी गंभीर चिंता प्रकट की। उन्होंने सरकार के 'सुरक्षित प्रदेश' के दावों को धरातल पर पूरी तरह विफल करार देते हुए कहा कि आज प्रदेश का कोई भी कोना अपराध से अछूता नहीं है। लखनऊ से लेकर वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहरों तक में असुरक्षा का माहौल व्याप्त है।

उन्होंने बुलंदशहर में हुए हालिया तिहरा हत्याकांड का उल्लेख करते हुए इसे राज्य की चरमराती कानून व्यवस्था का ज्वलंत और भयावह उदाहरण बताया। गुप्ता ने कहा कि जब राजधानी और धार्मिक-सांस्कृतिक केंद्र माने जाने वाले शहरों में ही आम जनमानस सुरक्षित नहीं है, तो सुदूर क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल कागजों पर कानून का राज बताने के बजाए अपराधियों पर लगाम लगाए और प्रदेश में भयमुक्त वातावरण सुनिश्चित करे, अन्यथा जनता आने वाले समय में इसका निर्णायक जवाब देगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा