आरपीएफ ने ट्रेन में अकेले यात्रा कर रही किशोरी को सुरक्षित उतारा
बांदा, 09 अक्टूबर (हि.स.)। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत घर पर बिना बताए ट्रेन से यात्रा कर रही 16 वर्षीय किशोरी को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ की इस तत्परता से किशोरी सुरक्षित अपने परिवार के पास पहुंच गई।
आरपीएफ के मुताबिक, शुक्रवार 9 अक्टूबर को मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष झांसी से सूचना मिली कि ट्रेन संख्या 11048 बलिया-दादर एक्सप्रेस में एक किशोरी घर पर बिना बताए यात्रा कर रही है। सूचना मिलते ही आरपीएफ बांदा के प्रभारी के निर्देश पर उपनिरीक्षक विक्टर लाकड़ा और कांस्टेबल चंदन मीना ने किशोरी की तलाश शुरू की।
ट्रेन के बांदा स्टेशन पहुंचने पर आरपीएफ टीम ने संदेश के साथ प्राप्त किशोरी की तस्वीर के आधार पर यात्रियों से पूछताछ की और विभिन्न कोचों में तलाशी ली। इस दौरान इंजन के पास स्थित जनरल कोच में यात्रा कर रही किशोरी की पहचान तरन्नुम (16) के रूप में हुई।
आरपीएफ ने उसे सुरक्षित ट्रेन से उतार लिया।
इसके बाद किशोरी के पिता नौशाद शेख को सूचना दी गई। साथ ही चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा को भी मामले से अवगत कराया गया। कुछ समय बाद किशोरी के मामा प्रयागराज निवासी राजा अहमद बांदा पोस्ट पर पहुंचे। किशोरी ने उन्हें अपने मामा के रूप में पहचाना। चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा के प्रतिनिधि प्रशांत कुमार भी मौके पर पहुंचे।
चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने किशोरी की पहचान सुनिश्चित करने और उसकी मां से बातचीत करने के बाद आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक के पर्यवेक्षण में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद किशोरी को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में आरपीएफ की देखरेख में उसके मामा राजा के सुपुर्द कर दिया गया।
आरपीएफ की कार्यशैली की सराहना
किशोरी को सुरक्षित पाकर उसके मामा ने आरपीएफ की तत्परता और मानवीय पहल की सराहना की। आरपीएफ प्रभारी सुरुचि द्विवेदी ने बताया कि किशोरी महाराष्ट्र की रहनेे वाली है। पिता की सूचना पर कार्रवाई की गई। आरपीएफ की इस कार्रवाई से एक बार फिर रेलवे में बच्चों की सुरक्षा के लिए चलाए जा रहे ‘नन्हे फरिश्ते’ अभियान की उपयोगिता सामने आई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह