अखिलेश यादव का नया 'पीडीए' केवल चुनावी अवसरवाद : रालोद

 


लखनऊ, 05 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अनुपम मिश्रा ने समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बुधवार को दिए बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका बदला हुआ 'पीडीए' का अर्थ केवल चुनावी अवसरवाद का परिचायक है। कल तक पीडीए की परिभाषा पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक बताने वाले आज चुनाव नज़दीक आते ही ब्राह्मण और अन्य सवर्ण समाज की बात करने लगे हैं। जनता इस बदलाव के पीछे की राजनीतिक मंशा को भली-भांति समझ रही है।

अनुपम मिश्रा ने कहा कि जो लोग समय-समय पर सनातन परंपरा, उसके प्रतीकों और उससे जुड़ी आस्थाओं के प्रति अनादरपूर्ण टिप्पणियों से जुड़े रहे हों, उनके मुख से आज सामाजिक समरसता और सभी वर्गों के सम्मान की बातें जनता को स्वाभाविक नहीं लगतीं। प्रदेश की जनता कथनों और वास्तविक राजनीतिक आचरण के बीच का अंतर भली-भांति समझती है।

उन्होंने कहा कि आज अचानक सवर्ण समाज की चिंता जताना केवल चुनावी रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। यदि यह भावना वास्तविक होती, तो यह पहले भी उनके सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक व्यवहार में दिखाई देती।

अनुपम मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल सामाजिक समरसता, सम्मान और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति में विश्वास करता है। प्रदेश की जनता अब केवल नारों और बदली हुई परिभाषाओं से प्रभावित होने वाली नहीं है, बल्कि नेताओं के पिछले आचरण और कार्यों के आधार पर अपना निर्णय करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा