स्कूल में दाखिला के लिए एक साल से भटक रहा मुरादाबाद के रियांश का परिवार

 


-छात्र का प्रवेश आरटीई के तहत संबंधित स्कूल में आवंटित कक्षा में ही कराया जाएगा: बीएसए

मुरादाबाद, 21 मार्च (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र स्थित बुद्ध विहार निवासी एक छात्र का एक वर्ष पहले शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत महानगर के बुद्धि विहार स्थित निजी स्कूल में प्री प्राइमरी में प्रवेश के लिए चयन हुआ था। स्कूल ने मासूम का दाखिला नहीं लिया। उसके परिजन स्कूल में चक्कर लगवाते रहे। छात्र के बेबस अभिभावकों ने हारकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के तक के दरबार में अपने बच्चे को प्रवेश की गुहार लगाई। फिर भी प्रवेश नहीं मिला। पांच दिन पहले मासूम छात्र के परिजन उपमुख्यमंत्री से मिले और संबंधित प्रकरण में अपनी अर्जी दी। उसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद माैर्य ने दाखिला से संबंधित पत्र जिलाधिकारी को भेजा। इसके बावजूद अभी तक रियांश का एडमिशन नहीं हुआ है।

मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र स्थित लाइनपार बुद्ध विहार निवासी प्राइवेट नौकरी करने वाले रविंद्र सिंह और गृहिणी सोनम के बेटे रियांश सिंह को शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत प्री प्राइमरी कक्षा में प्रवेश के लिए एक साल पहले मानसरोवर कालोनी स्थित सेंट मिराज एकेडमी स्कूल आवंटित हुआ था। स्कूल प्रशासन ने अभी तक उसका दाखिला नहीं लिया। रियांश के परिजनों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के साथ जिलाधिकारी, मंडलायुक्त के जनता दरबार में भी अपनी शिकायत दी और अधिकारियों ने बच्चे के प्रवेश के लिए आदेशित भी किया लेकिन मासूम को आज तक प्रवेश नहीं मिला।

16 मार्च को छात्र रियांश के माता-पिता लखनऊ में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से मिले। संबंधित स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश दिलाने की गुहार लगाई। इसके बाद उपमुख्यमंत्री की ओर से बच्चे के दाखिला से संबंधित पत्र जिलाधिकारी को भेजा गया। इसके बावजूद अभी तक रियांश का एडमिशन नहीं हुआ है। वहीं मामले में मुरादाबाद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विमलेश कुमार ने शनिवार को बताया कि उपरोक्त छात्र का प्रवेश आरटीई के तहत संबंधित स्कूल में आवंटित कक्षा में ही कराया जाएगा और अभी तक दाखिला क्यों नहीं हुआ इसकी भी जांच कराई जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल