धान खरीद की सुचारु व्यवस्था सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता- मनोज पाण्डेय

 


लखनऊ, 22 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज कुमार पाण्डेय ने गुरूवार को बापू भवन स्थित कार्यालय में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीद व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान मंत्री ने मान्यता प्राप्त राइस मिलर्स संघों के प्रतिनिधियों तथा विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भी बैठक की। बैठक में मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के संरक्षण, उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने तथा धान खरीद व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

मंत्री ने कहा कि तकनीकी अथवा प्रक्रियागत कठिनाइयों के कारण पात्र किसानों को अपनी उपज विक्रय करने में असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के पंजीकरण, धान की तौल, उठान, परिवहन एवं भुगतान संबंधी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। धान खरीद केन्द्रों पर किसी प्रकार की अनियमितता अथवा अनावश्यक हस्तक्षेप की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मंत्री ने कहा कि किसानों के हितों के संरक्षण के साथ-साथ राइस मिलर्स की वास्तविक एवं व्यावहारिक समस्याओं का समाधान भी सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी राइस मिलर्स संघों के साथ समन्वय स्थापित कर प्रस्तुत सुझावों एवं माँगों का परीक्षण करें तथा जिन विषयों पर शासन स्तर से निर्णय अपेक्षित है, उनके संबंध में नियमानुसार प्रस्ताव प्रस्तुत करें।

बैठक में राइस मिलर्स संघों द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समाप्त की गई प्रोत्साहन राशि को पुनः लागू करने तथा उसमें वृद्धि किए जाने की माँग प्रमुखता से उठाई गई। विभिन्न संघों ने प्रोत्साहन राशि रू0 35 प्रति कुंतल से बढ़ाकर रू0 50 तथा रू0 100 प्रति कुंतल किए जाने के संबंध में अपने-अपने प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त, खाद्य एवं रसद विभाग, अनिल कुमार; विशेष सचिव अनीता वर्मा सिंह; अपर आयुक्त (खाद्य एवं रसद) कामता प्रसाद; अपर आयुक्त सत्यदेव तथा आरएफसी मुख्यालय अशोक कुमार पाल सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न राइस मिलर्स संघों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन